नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन चल रहा है, जहां युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। दूसरी तरफ, मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक संदेश या छात्रों से संवाद देखने को नहीं मिला है। इसके विपरीत, उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर ओडिशा की रथ यात्रा का वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय भाषा में लिखा-नीलाचल में निवास करने वाले शाश्वत परमात्मा, बलभद्र और सुभद्रा सहित, जगन्नाथ को नमस्कार है। छात्रों के बढ़ते आक्रोश और मंत्रालय की चुप्पी के बीच, सोशल मीडिया पर की गई यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है।
दरअसल, नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपनी मांगों पर सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्च-स्तरीय बैठक में प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी प्राथमिक मांग है और इस पर कोई समझौता संभव नहीं है।
CJP ने सरकार के सामने प्रमुख रूप से चार मांगें रखी हैं: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना और 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए सरकार, आरएएफ (RAF) और दिल्ली पुलिस द्वारा सार्वजनिक माफी।
सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच यह आधिकारिक बैठक थी, जिसमें समाधान की कोशिश की गई, लेकिन गतिरोध बना हुआ है। नड्डा ने प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद सरकार का जवाब देने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। कॉजपा ने चेताया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप ले लेगा। इसके साथ ही, संगठन ने शिक्षा प्रणाली में बड़े संरचनात्मक सुधारों के लिए एक पांच-सूत्रीय चार्टर भी पेश किया है।
