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CWG 2026: कांस्य पदक पक्का होने के बाद लवलीना ने बताया ग्लासगो में अब क्या है उनका लक्ष्य

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक पक्का करने के बाद लवलीना बोरगोहेन ने बताया है कि अब क्या है उनका लक्ष्य?

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मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन

ग्लास्गो: राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अभियान शुरू करने से पहले ही पदक पक्का कर चुकी भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को कहा कि पदक जीतने का दबाव नहीं होने के कारण उनका पूरा ध्यान देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने पर है। टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाई मिलने के कारण सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला, जिससे भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक भी सुनिश्चित हो गया।

सेमीफाइनल में सीधा प्रवेश आश्चर्य से कम नहीं

पिछले दो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक हासिल करने में नाकाम रही 28 साल की इस मुक्केबाज के लिए सीधा सेमीफाइनल प्रवेश किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं था। उन्होंने कहा,'यह खबर मेरे लिए भी चौंकाने वाली थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे सीधे सेमीफाइनल में जगह मिलेगी। पिछले दो राष्ट्रमंडल खेलों में मुझे चार-पांच मुकाबले खेलने पड़े थे और तब भी पदक नहीं मिला था। लवलीना ने कहा,'शायद यह मेरी वर्षों की मेहनत का फल है।'

पेरिस ओलंपिक के बाद आया जीवन में बदलाव

पेरिस ओलंपिक और उसके बाद मुश्किल समय का सामना करने वाली लवलीना का आत्मविश्वस लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से लौट आया। उन्होंने कहा,'पेरिस ओलंपिक के बाद मेरे जीवन में काफी बदलाव आया। मैंने विश्व चैंपियनशिप सहित कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। एक समय मैं उलझन में थी कि खेल जारी रखूं या नहीं, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। लगातार अभ्यास किया और फिर दोबारा पदक जीतने लगी।'

अब केवल स्वर्ण पदक जीतना है लक्ष्य

लवलीना ने कहा कि पदक पक्का होने के बाद उनका लक्ष्य केवल स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा,'अब पदक का कोई दबाव नहीं है। मुझे सिर्फ स्वर्ण पदक के लिए लड़ना है। अगर मैं अपने देश के लिए स्वर्ण जीत सकी तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं होगी।'असम की इस मुक्केबाज ने ग्लास्गो रवाना होने से पहले बेलफास्ट में आयोजित प्रशिक्षण शिविर को अपनी तैयारियों के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा,'बेलफास्ट में हमारा प्रशिक्षण शिविर बहुत अच्छा रहा। वहां अभ्यास और स्पैरिंग शानदार रही, इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि मैं यहां स्वर्ण पदक जीत सकती हूं।'

मुख्य कोच की जमकर की सराहना

लवलीना ने भारतीय टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा की भी जमकर सराहना की, जिन्होंने इस वर्ष फिर से भारतीय मुक्केबाजी दल से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा,'हमने उनके मार्गदर्शन में बेहतरीन स्पैरिंग (अभ्यास) सत्र किए हैं। नीवा सर शानदार कोच हैं। वह तोक्यो ओलंपिक के दौरान भी हमारे साथ थे और उनके प्रशिक्षण का तरीका काफी प्रभावी है।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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