Indian Crew Safe Iran: फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में जारी सुरक्षा संकट के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र (Iranian Territorial Waters) में मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर 'दिशा' (LPG Tanker DISHA) पर हमला हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि वह स्थानीय ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास ने कहा, "जहाज पर 28 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं। हमने संबंधित अधिकारियों से बात की है और पुष्टि हुई है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।" राजनयिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, हालांकि हमले के स्वरूप और जहाज को पहुंचे नुकसान का ब्योरा अभी साझा नहीं किया गया है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर का कड़ा संदेश
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में फिलीपींस में 21वें ईस्ट एशिया समिट को संबोधित करते हुए असैन्य जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में नाविकों, नागरिक जहाजों या समुद्री बुनियादी ढांचे पर हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित और निर्बाध रखना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत बेहद जरूरी है।
नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी
- खाड़ी क्षेत्र में मर्चेंट जहाजों (जैसे मोम्बासा बी, अल बहया, एमटी वेडयान) पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए भारत के नौवहन महानिदेशालय (DGMA) ने सख्त कदम उठाए हैं।
- DGMA ने सभी शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को अगले आदेश तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को न तैनात करने की सलाह दी है।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा और भलाई ही उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
