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नेपाल जाना चाहते हैं भारत के 'रैट माइनर्स', सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू में की थी मदद, राजदूत को लिखा पत्र

टीम के पुणे स्थित स्वयंसेवक समन्वयक आनंद कंसल ने नेपाल में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर भारतीय खनिकों की विशेषज्ञता को नेपाली अधिकारियों की मदद के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'बाढ़ की खबरें और वीडियो देखने के बाद हम बेहद भावुक हो गए।

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नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़।

Rat Miners: दिल्ली-एनसीआर के 'रैट माइनर्स' ने नेपाल बाढ़ की वजह से सुरंगों में फंसे कर्मचारियों के रेस्क्यू में शामिल होने की पेशकश है। साल 2023 में उत्तराखंड के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे सभी 41 कर्मचारियों के रेस्क्यू अभियान में इन 'रैट माइनर्स' ने मदद पहुंचाई थी। अब हाथ से खुदाई करने वाले ये 'रैट माइनर्स' चाहते हैं कि इन्हें नेपाल भेजा जाए। नेपाल की सुरंगों में काम करने वाले कम से कम 900 कर्मचारी अभी भी लापता हैं। समझा जाता है कि अलग-अलग सुरंगों में ये कर्मचारी फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों की देख-रेख में बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाली सेना प्राथमिकता के आधार पर 19 हाइड्रो पावर परियोजना से जुड़ी सुरंगों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

नेपाल में भारतीय राजदूत को पत्र लिखा

इस टीम के पुणे स्थित स्वयंसेवक समन्वयक आनंद कंसल ने नेपाल में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर भारतीय खनिकों की विशेषज्ञता को नेपाली अधिकारियों की मदद के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'बाढ़ की खबरें और वीडियो देखने के बाद हम बेहद भावुक हो गए। यह हाल के समय में देखी गई सबसे भयावह त्रासदियों में से एक है।' बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट में कम से कम 12 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। इनमें चार निर्माणाधीन, सात संचालित और एक परीक्षण के दौर में परियोजना शामिल है। कीचड़, बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के कारण सुरंगों के कई हिस्से या तो अवरुद्ध हो गए हैं या ढह गए हैं।

इनकी मदद से 41 श्रमिकों तक पहुंच सका था बचाव दल

ये खनिक नवंबर 2023 में सिल्क्यारा-बेंड-बड़कोट सुरंग बचाव अभियान के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उस समय मशीनों से ड्रिलिंग की बार-बार कोशिश नाकाम होने के बाद वे एक संकरी बचाव पाइप में दाखिल हुए और मलबे के बीच अंतिम हिस्से की खुदाई हाथ से की। उनकी मदद से बचाव दल 17 दिनों तक सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों तक पहुंच सका था। मशीनों से ड्रिलिंग में बार-बार परेशानी आने के बाद इन मजदूरों ने संकरी रेस्क्यू पाइप के भीतर जाकर मैनुअल तरीके से मलबा हटाया था।

तेलंगाना में भी रेस्क्यू अभियान में हुए शामिल

फरवरी 2025 में इन खनिकों की 12 सदस्यीय टीम को तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल सुरंग में भी तैनात किया गया था। सुरंग ढहने के बाद आठ श्रमिक अंदर फंस गए थे। खनिकों ने कठिन और मलबे से भरी परिस्थितियों में विशेष बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान में काम किया था। नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1204 हो गई है जबकि लापता करीब 4000 लोगों को ढूंढने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। देवीघाट एवं नुवाकोट सहित अन्य इलाकों में जमे मलबे को हटाने के लिए व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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