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Haldwani Purification: खरगे ने जेपी नड्डा को हल्दानी 'शुद्धिकरण' मुद्दे पर लिखा पत्र, कहा- अभी तक दर्ज नहीं हुई FIR, सीएम को दें निर्देश

जेपी नड्डा को 2 सितंबर 2026 को भेजे अपने पत्र में खरगे ने लिखा कि इस शर्मनाक घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) तक दर्ज नहीं की है।

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खरगे ने लिखा जेपी नड्डा को पत्र

Kharge Letter to Nadda: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई 'शुद्धिकरण' की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। खरगे ने नड्डा को संसद में दिए गए उनके आश्वासन की याद दिलाते हुए मांग की है कि वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुस्कर सिंह धामी को इस घटना में शामिल सभी लोगों और संगठनों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने का निर्देश दें।

क्या है पूरा मामला?

8 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। रैली के बाद कुछ असामाजिक तत्वों और संगठनों ने रामलीला मैदान को अपवित्र बताते हुए वहां कथित तौर पर मंत्रोच्चार और हवन के जरिए 'शुद्धिकरण' किया। खरगे ने इस घटना को छुआछूत और जातिवादी मानसिकता से जुड़ा बताते हुए भारी मन और दुख के साथ राज्यसभा में उठाया था।

24 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर जताई हैरानी

जेपी नड्डा को 2 सितंबर 2026 को भेजे अपने पत्र में खरगे ने लिखा कि इस शर्मनाक घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) तक दर्ज नहीं की है। खरगे ने लिखा: "भारतीय संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत, रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया। यह सर्वविदित है कि इस तरह की शुद्धिकरण प्रक्रिया सीधे तौर पर अस्पृश्यता की मानसिकता से जुड़ी हुई है।"

डॉ. बी.आर. अंबेडकर के महाड़ सत्याग्रह का दिया हवाला

अपनी बात को मजबूती से रखते हुए खरगे ने इतिहास के पन्नों का जिक्र किया। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के ऐतिहासिक महाड़ आंदोलन का उदाहरण देते हुए लिखा- "जब बाबा साहेब अंबेडकर ने महाड़ सत्याग्रह के दौरान तालाब से पानी लिया था, तब भी जातिवादी अहंकार से भरे लोगों ने 108 मटकों में गोबर और गौमूत्र मिलाकर उस तालाब का 'शुद्धिकरण' किया था। केवल मंत्र पढ़ने या हवन कर देने से ऐसा जातिवादी और अमानवीय कृत्य पवित्र नहीं हो जाता।"

"यह केवल मेरा अपमान नहीं, करोड़ों लोगों का मुद्दा है"

खरगे ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को अपनी व्यक्तिगत भावना या कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक सीमित नहीं देख रहे हैं। खरगे ने कहा कि यह देश के उन करोड़ों दलितों और शोषितों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है जो आज भी रोजाना इस कड़वी और क्रूर सच्चाई का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गलत मानसिकता रखने वाले तत्वों को कानून का पाठ पढ़ाना और सबक सिखाना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में समानता की भावना बनी रहे।

संसद में जेपी नड्डा के आश्वासन की दिलाई याद

खरगे ने पत्र में 13 अगस्त को राज्यसभा में जेपी नड्डा द्वारा दिए गए बयान को उद्धृत करते हुए लिखा- आदरणीय खरगे जी ने जो कहा है, वह सचमुच बहुत दुखद विषय है। यह केवल कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि हम सभी के लिए दुखद है। जो कुछ भी हुआ है, उसकी जांच निश्चित रूप से कराई जाएगी। भारतीय जनता पार्टी कभी भी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। मैं इसकी निंदा करता हूं और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खरगे ने नड्डा से कहा कि चूंकि राज्यसभा के सभापति ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया था और नड्डा ने खुद सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था, इसलिए अब उत्तराखंड सरकार को तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जाने चाहिए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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