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भारत का मास्टरस्ट्रोक: अग्नि 5 ने छीना चीन का चैन, 7000 किलोमीटर रेंज ने किया पूरी दुनिया को बेचैन

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 17, 2022, 11:09 PM IST

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने परमाणु सक्षम अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल 5,000 किमी तक नहीं यह 7,000 किमी रेंज तक दुश्मनों को ठिकाने को निशाना बना सकता है। इससे चीन में खलबली मच गई है। इस मिसाइल से चीन का कोई भी एरिया नहीं बचेगा। इसके अलावा पूरा यूरोप महादेश, अफ्रीका महादेश के अधिकांश देश, एशिया के सभी देश अग्नि-5 के जद में आएंगे।

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परमाणु सक्षम अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल

Photo : ANI

नई दिल्ली: परमाणु सक्षम अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षणों के कुछ दिनों बाद भारत ने अब 7,000 किलोमीटर की दूरी से अधिक के लक्ष्य को भेदने की क्षमता विकसित कर ली है। यह भारत का मास्टरस्ट्रोक है। 5000 किमी रेंज की बात की थी लेकिन परीक्षण 7,000 किमी रेंज के लिए हुआ है। अग्नि-V भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक परमाणु सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है।

उधर चीनी शोधकर्ताओं का आरोप है कि इस मिसाइल की रेंज 8,000 किलोमीटर है। अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल की भेदने की क्षमता 2,000 किमी बढ़ने से चीन की राजधानी बीजिंग समेत पूरा चीन भारत के निशाने पर आ गया है। अब चीन का कोई कोना नहीं बच पाएगा। जो भारत की ये मिसाइल भेद नहीं सकती है। चीन में सभी लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम हो गया है। इसके अलावा सभी यूरोपीय देश, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका समेत अधिकांश अफ्रीकी देश, पाकिस्तान समेत एशिया के सभी देश अग्नि-5 के रेंज में आ गए हैं। कुछ ही मिनटों में भारतीय सेना दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर सकता है।

रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि DRDO मिश्रित सामग्री के साथ स्टील सामग्री को बदलकर अग्नि -5 मिसाइल के वजन को कम करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि मिसाइल प्रणाली में जो वजन कम किया गया है, वह 20 प्रतिशत से अधिक है और अगर सरकार चाहे तो परमाणु सक्षम रणनीतिक मिसाइल 7,000 किलोमीटर से आगे जा सकती है। सूत्रों ने अग्नि-3 का उदाहरण दिया, जिसका वजन करीब 40 टन है और यह 3,000 किलोमीटर के लक्ष्य को मार सकता है, लेकिन अग्नि-4 का वजन 20 टन से थोड़ा अधिक है, जो बहुत लंबी दूरी तय कर सकता है।

मिसाइल की विस्तारित रेंज जो सामरिक बल कमान का हिस्सा है, संघर्ष के समय योजनाकारों को कई तरह के विकल्प देगी। भारत का परमाणु हथियार कार्यक्रम मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान सहित अपने विरोधियों के खिलाफ प्रतिरोध के लिए है क्योंकि भारत की पॉलिसी नो-फर्स्ट-यूज है।

यह दूसरी मारक क्षमता को मजबूत कर रहा है और पनडुब्बी से प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल के विकास पर भी काम कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि मिसाइल के नए अधिकतम संभावित रेंज के टेस्ट का फैसला सरकार को लेना है। भारत ने गुरुवार को 5400 किलोमीटर की पूरी रेंज में अग्नि-5 परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का रात्रि परीक्षण सफलतापूर्वक किया था। मिसाइल पर नई तकनीकों और उपकरणों को मान्य करने के लिए टेस्ट किया गया था जो अब पहले से हल्का है।

पिछले साल अक्टूबर में भारत ने ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफल प्रक्षेपण किया था। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिसाइल, जो तीन चरण के ठोस ईंधन वाले इंजन का उपयोग करती है, उच्च सटीकता के साथ 5,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।

इसने कहा था कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' की घोषित पॉलिसी के अनुरूप है, जो 'नो फर्स्ट यूज' की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जून 2018 में, भारत ने पहली बार डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से अग्नि 5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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