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भारत की वो खतरनाक मिसाइलें, जिसे अगर ड्रैगन के खिलाफ उतार दे हिंदुस्तान तो भाग खड़े होंगे चीनी

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 15, 2022, 11:58 PM IST

भारत की कई मिसाइलें चीन के लिए काल की तरह है। अग्नि वी और ब्रह्मोस ऐसी मिसाइलें हैं जिसकी रेंज में चीन के कई शहर आ जाते हैं। इन मिसाइलों के हमले से चीन का बचना लगभग नामुमकिन है। इसके अलावा पृथ्वी, शौर्य और प्रहार जैसी भी मिसाइलें हैं, जो चीन पर कहर बनकर टूट सकती हैं।

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भारत की खतरनाक मिसाइलें

चीन रह-रह कर भारत के साथ सीमा पर उलझता रहता है। हाल ही में अरुणाचल के तवांग में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना के जवानों ने दिया था। इसके बाद चीन के साथ सीमा पर तनाव बना हुआ है। इसी बीच भारत ने उस मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है, जिसके नाम से ही चीन थर-थर कांपता है। मिसाइल का नाम है अग्नि-वी। ऐसा नहीं है कि भारत के पास सिर्फ अग्नि वी ही, जिससे चीन डरता है। इसके अलावा और भी कई मिसाइलें हैं, जिसकी रेंज में चीन के कई शहर या फिर पूरा चीन आ जाता है।

अग्नि सीरीज की मिसाइलें (Agni Mis sile)

अग्नि मिसाइल कई रेंज में है। जैसे अग्नि-1, अग्नि-2, अग्नि-3,अग्नि-4, अग्नि-5, अग्नि-6 और अग्नि प्राइम। इसमें अग्नि 1 से लेकर अग्नि 3 तक ऑपरेशनल है। सेना के पास है और सीमा पर तैनात है। वहीं अग्नि-4 भी तैनात शामिल होने के लिए तैयार हो चुका है। अग्नि फाइव की टेस्टिंग चल रही है। अग्नि-6 का निर्माण जारी है। अग्नि प्राइम की भी टेस्टिंग शुरू हो गई है। अग्नि मिसाइल की रेंज 700 किलोमीटर से लेकर 8000 हजार किलोमीटर तक है। यह मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं। इसमें सबसे खतरनाक अग्नि फाइव है। जिसका परीक्षण लगभग पूरा हो चुका है। इसे सेना में कभी शामिल किया जा सकता है। बाद में अग्नि 6 और प्राइम के आ जाने के बाद सेना की शक्ति और बढ़ जाएगी।

ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos Missile)

ब्रह्मोस मिसाइल को भारत ने रूस के साथ मिलकर बनाया है। यह एक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे जमीन से, पानी से या फिर हवा से किसी भी माध्यम से लॉन्च किया जा सकता है। इसे भारत की तीनों सेनाओं में शामिल किया जा चुका है। यह मिसाइल भी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी रेंज 300 किलोमीटर से लेकर 500 किलोमीटर तक है। यह इतना आधुनिक और खतरनाक है कि पूरी दुनिया में इसके टक्कर की कोई मिसाइल नहीं है। यही कारण है कि कई देश इसे भारत से खरीदने की कोशिश में लगे हैं।

K-4 मिसाइल (K-4 Missile)

K-4 मिसाइल को भारत की तीसरी सबसे ताकतवर मिसाइल के तौर पर जाना जाता है। इस पनडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है। इसकी मारक क्षमता 3 हजार किमी है। यह 3 टन तक का परमाणु हथियार ले जा सकता है।

बराक-8 मिसाइल (Barak-8 Missile)

बराक-8 मिसाइल भारत की खतरनाक मिसाइलों में से एक है। इसे भारत ने इजराइल के साथ मिलकर बनाया है। यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। बराक-8 मिसाइल की रेंज 70 से 90 किलोमीटर है। तीन टन वजनी यह मिसाइल 70 किलो वजन के बराबर हथियार ले जाने में सक्षम है।

प्रहार मिसाइल (Prahaar Missile)

स्वदेशी विकसित प्रहार एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। मिसाइल दुश्मन के बंकरों, कमांड और कंट्रोल सेंटरों पर पलक झपकते ही हमला कर सकती है। इस मिसाइल की रेंज 150 किमी है और इसका लॉन्च वजन 1,280 किलोग्राम है।

पृथ्वी मिसाइल (Prithvi Missile)

पृथ्वी मिसाइल भारत की पहली मिसाइल है। इसकी भी कई रेंज हैं। पृथ्वी-1, पृथ्वी-2 और पृथ्वी-3। इस मिसाइल का पहला परीक्षण 1988 में किया गया था। यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। यह पहली स्वदेशी बैलेस्टिक मिसाइल है। इसकी रेंज 150 से 600 किलोमीटर तक है। इसका सबसे उन्नत संस्करण पृथ्वी 3 है, जिसकी रेंज 600 किलोमीटर तक है। साथ ही यह अपने साथ 500 किलो तक परमाणु हथियार ले जा सकती है।

निर्भय मिसाइल (Nirbhay Missile)

निर्भय भारत की पहली स्वदेशी निर्मित क्रूज मिसाइल है, जिसे जमीन और पनडुब्बी से दागी जा सकती है। यह मिसाइल 6.0 मीटर लंबी, 0.5 मीटर चौड़ी है। इसका लॉन्च वजन 1,500-1,600 किलोग्राम है। इसका उपयोग पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने के लिए किया जा सकता है। यह 1,000 किमी तक के लक्ष्य को मार सकता है।

शौर्य मिसाइल (Shaurya Missile)

शौर्य सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह 12 मीटर लंबी, 0.8 मीटर चौड़ी है, जिसमें दो चरणों वाला ठोस प्रणोदक शामिल है। इसकी रेंज 3,000-3,500 किमी है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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