अभी तक ड्रोन से हमने दवाई, खाना, सामान की डिलीवरी देखा या सुना है, लेकिन जल्द ही अब इंसानों को लाने ले जाने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल हो सकता है। भारत का वरुणा ड्रोन (Varuna Drone) इसके लिए सक्षम है। इसका सफल ट्राइल हो चुका है। इसे जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जा सकता है।
इस कंपनी ने किया है निर्माण
वरुणा ड्रोन का निर्माण भारतीय स्टार्टअप कंपनी सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने किया है। यह ड्रोन 130 किलोग्राम तक का वजन उठा सकता है। यह 25 से 33 मिनट का उड़ान एक समय में भर सकता है और कम से कम 25 किमी की यात्रा करने की शक्ति रखता है।
ये हैं खूबियां
इस ड्रोन में एक से बढ़कर एक खूबी है। यह ड्रोन तब भी सुरक्षित लैंडिंग में सक्षम है, जब उसमें उड़ान के दौरान कोई तकनीकी खराबी आ जाए। इसमें आपात स्थिति में लैंडिग के लिए पैराशूट लगाया गया है।
पीएम ने देखा था प्रदर्शन
जुलाई में पीएम मोदी भी इस ड्रोन की खूबियों को देख चुके हैं। तब एक वीडियो नागरिक उड्डयन मंत्रालय ट्विटर पर शेयर किया था। अब जो इसका वीडियो सामने आया है, वो समाचार एजेंसी एएनआई का है।
ट्रायल का वीडियो
ट्विटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में ड्रोन में बैठे एक व्यक्ति को दिखाया गया है। अपने सहयोगी को संकेत देने के बाद, ड्रोन धीरे-धीरे ऊपर की ओर 3-4 मीटर की ऊंचाई तक उठाना शुरू कर देता है और कुछ सेकंड के लिए हवा में घूमने के बाद सुरक्षित रूप से जमीन पर उतर जाता है।
क्या है उपयोग
मिली जानकारी के अनुसार वरुणा ड्रोन को फिलहाल नौसेना के लिए बनाया गया है। इसे युद्धपोतों के बीच कर्मियों को ट्रांसफर करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका इस्तेमाल बचाव कार्य से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एयर एंबुलेंस के तौर पर किया जा सकता है।
