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'मेक इन इंडिया' को मिलेगा दम, सरकार ने खोली PLI योजना की नई विंडो

सरकार ने AC और LED पुर्जे बनाने वाली कंपनियों के लिए PLI योजना की विंडो फिर से खोल दी है। इस स्कीम से कंपनियों को निवेश का मौका मिलेगा और देश में रोजगार व मैन्युफैक्चरिंग दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

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सरकार ने खोली PLI योजना की नई विंडो (Photo- AI)

PLI Scheme: सरकार ने घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों को एक और बड़ा मौका दिया है। एयर कंडीशनर और LED लाइट्स के पुर्जे बनाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना की आवेदन विंडो फिर से खोल दी गई है। यह खिड़की 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2025 तक खुली रहेगी। यानी कंपनियों के पास पूरे 30 दिन होंगे इसमें शामिल होने के लिए।

PLI का मतलब क्या है?

PLI यानी Production Linked Incentive योजना। इसमें सरकार कंपनियों को इस शर्त पर आर्थिक प्रोत्साहन देती है कि वे भारत में उत्पादन बढ़ाएं और निवेश करें।

सरकार का मकसद है कि AC और LED बनाने के मामले में भारत आत्मनिर्भर बने। अब जो पुर्जे बाहर से आयात करने पड़ते थे, वे यहीं देश में बनेंगे। इससे रोजगार के नए मौके पैदा होंगे, कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

83 कंपनियां योजना से जुड़ीं

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 83 कंपनियां PLI योजना से जुड़ चुकी हैं, जिन्होंने करीब 10,400 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस निवेश से देश में AC और LED लाइट्स के कई अहम पुर्जों का उत्पादन शुरू हुआ है, जो पहले भारत में पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते थे।

नई विंडो में न सिर्फ नए आवेदक बल्कि पुराने लाभार्थी भी शामिल हो सकते हैं। अगर वे ज्यादा निवेश करके ऊंची कैटेगरी में जाना चाहें तो आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, प्रोत्साहन (इंसेंटिव) उन्हें योजना की बची हुई अवधि के लिए ही मिलेगा।

यह स्कीम 2021-22 से 2028-29 तक चलेगी और सरकार इस पर कुल 6,238 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मोदी सरकार ने इसे अप्रैल 2021 में मंजूरी दी थी। साफ तौर पर समझा जाए तो सरकार चाहती है कि AC और LED बनाने के मामले में भारत खुद पर निर्भर हो। इससे कंपनियों को बिज़नेस का मौका मिलेगा, आम लोगों को रोजगार मिलेगा और देश आगे बढ़ेगा।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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