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बड़ा कदम! LAC पर बढ़ेगी भारतीय सेना की ताकत, पूर्वी लद्दाख-सिक्किम में तैनात होगी ‘रुद्र’ ब्रिगेड

रुद्र ब्रिगेड ऑल-आर्म्स फॉर्मेशन है, जिसमें पैदल सेना, मशीनी इकाइयां, टैंक, तोपखाना, विशेष बल और मानव रहित हवाई प्रणाली को समर्पित लॉजिस्टिक और युद्ध सहयोग के साथ जोड़ा गया है। दूसरी ओर, सेना ने एक घातक विशेष बल इकाई का गठन भी किया है, जिसे ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन नाम दिया गया है। यह इकाई 'हमेशा सीमा पर दुश्मन को चौंकाने के लिए तैयार' रहेगी।‘

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'रुद्र' ब्रिगेड की LAC पर होगी तैनाती। तस्वीर-@adgpi

‘Rudra’ Brigade : देश की उत्तरी सीमा पर अपनी सामरिक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर रुद्र’ ब्रिगेड की तैनाती करने जा रही है। आधुनिक युद्ध कौशल में पारंगत इस ब्रिगेड की तैनाती पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में होगी। इस ब्रिगेड में अत्याधुनिक हथियार, सशस्त्र ड्रोन, मिसाइलें, लोइटरिंग गोला-बारूद और कमांडो यूनिट्स शामिल होंगे। इसके अलावा ‘शक्तिमान’ आर्टिलरी रेजिमेंट्स ड्रोन वॉरफेयर और सटीक निशानेबाजी में सेना को ताकत देंगे। यही नहीं ‘दिव्यास्त्र’बैटरियां पैदल सेना, ड्रोन और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम से लैस होंगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य चीन सीमा पर युद्धक क्षमता को और मजबूत एवं प्रभावी बनाना है।

भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम होगी सेना

'रुद्र' ब्रिगेड और 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन भारतीय सेना की भविष्य की तैयारियों को देखते हुए खड़ा किया गया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि नई इकाइयों के गठन से सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने द्रास में आयोजित कारगिल विजय दिवस के अवसर पर इसके बारे में घोषणा की। आखिर ये ‘रुद्र’ ब्रिगेड और ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन हैं क्या?

इंफैंट्री ब्रिगेड को बदलकर ‘रुद्र’ ब्रिगेड बनाया गया

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय सेना ने अपनी सीमा पर तैनात दो पैदल सेना (इंफैंट्री) ब्रिगेड को बदलकर ‘रुद्र’ ब्रिगेड में परिवर्तित कर दिया है। रुद्र ब्रिगेड में पैदल सेना, मशीनी पैदल सेना, टैंक, तोपखाना इकाइयां, विशेष बल (स्पेशल फोर्स) और मानव रहित हवाई प्रणाली जैसे घटक शामिल होंगे। सेना प्रमुख ने कहा, 'रुद्र, पूरी ब्रिगेड के रूप में बनाई जा रही है, जिसके लिए मैंने कल ही मंजूरी दी है। इसके तहत पैदल सेना, मशीनी पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयां, तोपखाना, विशेष बल और मानव रहित हवाई इकाइयां एक ही जगह होंगी, ताकि लॉजिस्टिक्स और कॉम्बैट सपोर्ट मुहैया कराया जा सके।'

ऑल-आर्म्स फॉर्मेशन है 'रुद्र' ब्रिगेड

रुद्र ब्रिगेड ऑल-आर्म्स फॉर्मेशन है, जिसमें पैदल सेना, मशीनी इकाइयां, टैंक, तोपखाना, विशेष बल और मानव रहित हवाई प्रणाली को समर्पित लॉजिस्टिक और युद्ध सहयोग के साथ जोड़ा गया है। दूसरी ओर, सेना ने एक घातक विशेष बल इकाई का गठन भी किया है, जिसे ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन नाम दिया गया है। यह इकाई 'हमेशा सीमा पर दुश्मन को चौंकाने के लिए तैयार' रहेगी।‘भैरव’ कमांडो फोर्स के बारे में सेना प्रमुख ने कहा, 'हम विकसित, आधुनिक और भविष्यवादी शक्ति बनने की ओर बढ़ रहे हैं। एक नई ब्रिगेड बनाई जा रही है, जिसे मैंने कल मंजूरी दी है। इसमें लड़ाकू घटक होंगे जैसे मशीनी पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयां, तोपखाना, विशेष बल, लॉजिस्टिक और युद्ध सहयोग के साथ, विशेष बल भी बनाए गए हैं, जो हमेशा सीमा पर दुश्मन को झकझोरने के लिए तैयार रहेंगे।'

Shivani Mishra
Shivani Mishraauthor

Covering stories of public interest in crime and politics now. Entertainment enthusiast over five years. Reporting across Maharashtra.

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