इंडियन एयरफोर्स सस्ते में दुश्मनों की निकालेगी हेकड़ी! राफेल की कीमत में पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट मचा सकता है तांडव
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Dec 29, 2025, 11:17 AM IST
IAF News: इंडियन एयरफोर्स को जितनी रकम के राफेल फाइटर जेट मिलेंगे, उससे लगभग आधी कीमत पर Su-57E स्टील्थ फाइटर मिल जाएंगे। ये पांचवीं पीढ़ी का रूसी जेट है, जबकि राफेल पांचवीं पीढ़ी का जेट नहीं है और फ्रांस से आता है। राफेल 4.5-जेनरेशन फाइटर जेट्स में आता है। 114 राफेल के आगे 230 Su-57E पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट मिल सकते हैं।
राफेल की कीमत में पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट मचा सकता है तांडव (Freepik)
Indian Air Force: इंडियन एयरफोर्स (IAF) को पिछले काफी समय से अपग्रेड फाइटर जेट चाहिए। पड़ोसी देश पाकिस्तान से तनाव हमेशा बना रहता है और चीन भी आखें दिखाता है तो ऐसे में भारतीय वायुसेना को अपना बेड़ा मजबूत करना है। इस दिशा में पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट भारत में ही तैयार हो रेह हैं। इस प्रोग्राम का नाम AMCA है। लेकिन इस बीच रूस IAF को अपने घातक पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट देना चाहता है। रिपोर्ट में बताया गया कि जितनी रकम के भारत को राफेल फाइटर जेट मिलेंगे, उससे लगभग आधी कीमत पर Su-57E स्टील्थ फाइटर मिल जाएंगे। ये पांचवीं पीढ़ी का रूसी जेट है, जबकि राफेल पांचवीं पीढ़ी का जेट नहीं है और फ्रांस से आता है।
इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, और मिलिट्री एयरक्राफ्ट और इक्विपमेंट सहित कई तरह के बिजनेस में शामिल एक रूसी सरकारी कंपनी रोस्टेक (Rostec) के एक सीनियर अधिकारी ने idrw.org से खास बातचीत में बताया है कि भारत के लिए Su-57E स्टील्थ फाइटर का कुल पैकेज कॉस्ट, उस कीमत का लगभग 50 प्रतिशत होगा जो नई दिल्ली अभी मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट्स के लिए देने वाली है। हालांकि अधिकारी ने प्रति यूनिट सटीक कीमत बताने से इनकार कर दिया। बताया गया कि तुलना कुल प्रोग्राम वैल्यू के आधार पर की गई।
114 राफेल के आगे 230 Su-57E पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट
idrw.org के साथ शेयर की गई जानकारी के अनुसार, 114 राफेल फाइटर जेट्स की अनुमानित लागत में न सिर्फ विमान, बल्कि हथियार पैकेज, ट्रेनिंग और सिमुलेटर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और सीमित टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की व्यवस्था भी शामिल है। इसपर रोस्टेक अधिकारी ने सुझाव दिया कि भारत इसी तरह के कुल खर्च में रूस से 200-230 Su-57E पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट खरीद सकता है।
अहम बात क्या?
एक मुख्य अंतर जिस पर जोर दिया गया, वह टेक्नोलॉजी एक्सेस का लेवल। भारत के लिए Su-57E पैकेज में टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर और विमान के सोर्स कोड तक एक्सेस शामिल बताया जा रहा है। यानी यह जेट भारत में बन सकेंगे, क्योंकि रूस अपनी टेक्नोलॉजी शेयर करेगा। इससे भारतीय वायु सेना विमान की सर्विस लाइफ के दौरान स्वदेशी हथियारों, सेंसर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड को स्वतंत्र रूप से इंटीग्रेट कर पाएगी, जिससे ऑपरेशनल संप्रभुता में काफी वृद्धि होगी।
इसके विपरीत, idrw.org को बताया गया है कि डसॉल्ट एविएशन राफेल के रडार और सेंसर जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम के लिए सोर्स कोड एक्सेस नहीं दे रहा है, जिससे भारत की इन सिस्टम को बाहरी मंजूरी के बिना स्वतंत्र रूप से मॉडिफाई या अपग्रेड करने की क्षमता सीमित हो जाती है।
रोस्टेक अधिकारी ने तर्क दिया कि तेजी से बदलते खतरे वाले माहौल में काम करने वाली वायु सेनाओं के लिए सोर्स कोड एक्सेस तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है, जहां हथियारों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और मिशन सॉफ्टवेयर को तेजी से अपनाने की क्षमता निर्णायक बढ़त दे सकती है। रूस के नजरिए से, Su-57E को सिर्फ एक विमान बिक्री के रूप में नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक औद्योगिक और रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखना चाहिए, जो भारत को प्लेटफॉर्म के विकास पर कहीं अधिक नियंत्रण रखने की अनुमति देगा।
भारत कर रहा फाइटर जेट खरीदने का प्लान
भारत अपनी भविष्य की फाइटर खरीद रणनीति पर विचार कर रहा है, जिसमें तत्काल क्षमता की जरूरतों को आगे के भविष्य को देखते हुए कई अहम चीजों से संतुलित किया जा रहा है। अगर रोस्टेक द्वारा बताई गई लागत और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की गारंटी सही रहती है, तो Su-57E का प्रस्ताव भारत के रक्षा प्रतिष्ठान में इसकी चर्चा तेज कर सकता है। बता दें कि राफेल 4.5-जेनरेशन फाइटर जेट्स में आता है।
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