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Gujarat: 46500 टन गैस लेकर वाडिनार पहुंचा 'नंदा देवी', LPG Crisis में साबित होगा संजीवनी

भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकाबंदी के बीच भारत का दूसरा विशाल गैस टैंकर 'नंदा देवी' सुरक्षित गुजरात तट पर पहुंच गया है।

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गुजरात पहुंचा नंदादेवी जहाज (फाइल फोटो | PTI)

Photo : PTI

Gujarat News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने में कामयाब रहा है। सोमवार को 'शिवालिक' के मुंद्रा पहुंचने के बाद, मंगलवार को भारत का दूसरा बड़ा LPG टैंकर 'नंदा देवी' गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर सुरक्षित लंगर डाल चुका है। इस जहाज पर 46,500 मीट्रिक टन रसोई गैस (LPG) लदी है, जो देश में गैस की किल्लत को दूर करने में संजीवनी का काम करेगी।

वाडिनार पोर्ट पर 'मदर-डॉटर' शिप ऑपरेशन

दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 'नंदा देवी' एक 'मदर वेसल' (बड़ा जहाज) है। अब इस पर लदी गैस को 'बीडब्ल्यू बिर्च' (BW Birch) नामक 'डॉटर शिप' (छोटे जहाज) में ट्रांसफर किया जाएगा। यह 'शिप-टू-शिप' ट्रांसफर ऑपरेशन बेहद सावधानी से किया जाता है।

इस ऑपरेशन की मुख्य बातें

इस ऑपरेशन के तहत प्रति घंटे लगभग 1000 टन गैस का ट्रांसफर किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग दो दिन का समय लगेगा। यहां से गैस लोड करने के बाद 'डॉटर शिप' देश के पूर्वी तट पर स्थित एन्नोर (तमिलनाडु) और हल्दिया (पश्चिम बंगाल) पोर्ट के लिए रवाना होगा।

मंत्रालय का सख्त निर्देश

पत्तन और पोत परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आने वाले सभी LPG जहाजों को 'टॉप प्रायोरिटी' दी जाए। चेयरमैन ने कहा कि हमारा लक्ष्य किसी भी प्रक्रियात्मक देरी (Bottleneck) को खत्म करना है ताकि गैस जल्द से जल्द उपभोक्ताओं तक पहुंच सके। हालांकि, तेजी के चक्कर में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

क्यों अहम है यह कामयाबी?

भारत अपनी जरूरत की 60% LPG आयात करता है, जिसमें से करीब 85-90% हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता है। हालिया युद्ध के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) जैसा प्रमुख समुद्री मार्ग ब्लॉक हो गया है। इसके चलते घरेलू और कमर्शियल गैस सप्लाई पर काफी दबाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेताओं के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों के कारण ही भारतीय नौसेना की सुरक्षा में ये जहाज मौत के साये के बीच से सुरक्षित निकल पा रहे हैं।

अभी भी मिशन जारी है

भले ही दो बड़े जहाज सुरक्षित पहुंच गए हों, लेकिन अभी भी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में भारत के 22 जहाज और 611 नाविक मौजूद हैं। भारत सरकार और नौसेना लगातार इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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