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बड़ी खबर! छठवीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोग्राम से जुड़ेगा भारत, फ्रांस के FCAS में होगा शामिल, शुरू की बातचीत

रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि मंत्रालय आज की हवाई-केंद्रित आधुनिक लड़ाई में भारत की हवाई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और खरीद की दिशा तय करे तथा 'योजना बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए’।

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एफसीएएस पर काम कर रहे फ्रांस और जर्मनी। तस्वीर-AI

6th-Generation Fighter Jet : संसद की एक समिति ने कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने फ्रांसीसी सरकार के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम’ (एफसीएएस) से जुड़ने की दिशा में 'प्रयास शुरू कर दिए हैं’और उसने मंत्रालय से ऐसे विमानों को शामिल करने का रोडमैप मांगा है। रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि मंत्रालय आज की हवाई-केंद्रित आधुनिक लड़ाई में भारत की हवाई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और खरीद की दिशा तय करे तथा 'योजना बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए’।

दो कंसोर्टियम कर रहे काम

रिपोर्ट में कहा गया, 'समिति को बताया गया है कि छठी पीढ़ी के विमान पर दो समूह (कंसोर्टियम) काम कर रहे हैं। एक समूह में ब्रिटेन, इटली और जापान शामिल हैं और दूसरे में फ्रांस और जर्मनी; दोनों ही विमान बना रहे हैं।’समिति ने कहा कि उन्हें अवगत कराया गया है कि भारतीय वायुसेना इनमें से किसी एक समूह के साथ जुड़ने की कोशिश करेगी और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान हासिल करने पर तुरंत विचार करेगी, ताकि यह पक्का किया जा सके कि आधुनिक विमान का लक्ष्य हासिल करने में वह 'पीछे न रह जाए’।

भारत ने जुड़ने के लिए गंभीर प्रयास शुरू किए

रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया है कि उसने 'फ्रांसीसी सरकार के नेतृत्व में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम यानी 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम’ से जुड़ने के लिए गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं।’समिति को बताया गया है कि छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास पर दो कंसोर्टियम काम कर रहे हैं। इनमें से एक कंसोर्टियम ब्रिटेन, इटली और जापान का है, जबकि दूसरा फ्रांस और जर्मनी का है। दोनों ही कंसोर्टियम छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित कर रहे हैं।

किसी एक कंसोर्टियम के साथ जुड़ेगा भारत

समिति ने कहा कि उसे जानकारी दी गई है कि भारतीय वायुसेना इनमें से किसी एक कंसोर्टियम के साथ जुड़ने की कोशिश करेगी और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के विकास पर तुरंत विचार करेगी, ताकि उन्नत विमानों के लक्ष्य को हासिल करने में भारत पीछे न रह जाए। रिपोर्ट के अनुसार, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का डिजाइन तैयार कर लिया गया है और इसके निर्माण को लेकर फिलहाल चर्चा चल रही है। समिति ने कहा कि वह समझती है कि विमानों का तकनीकी उन्नयन वायुसेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया

रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया है कि उसने फ्रांस सरकार के नेतृत्व वाले फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समन्वित और ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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