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Earthquake Today: सिक्किम में आज आठवीं बार आया भूकंप, कर्नाटक में भी हिली धरती

Earthquakes In India, Nepal, Myanmar, Tajikistan: मंगलवार 10 फरवरी को सिक्किम में 8 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आज भारत समेत नेपाल, बर्मा और तजाकिस्तान में भूकंप के झटके लगे हैं। कर्नाटक के विजयपुरा में भी भूकंप के झटके लगे हैं।

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भारत में आज कहां-कहां आया भूकंप

Earthquakes In India, Nepal, Myanmar, Tajikistan: भारत के पूर्वोतर राज्य सिक्किम में मंगलवार रात से लेकर दिन तक में आठ बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में मंगलवार को दिन में 11 बजे भूकंप के झटके लगे। भारत समेत इसके दो और पड़ोसी देशों में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस हुए। भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल और बर्मा में भूकंप आया है। तजाकिस्तान में भी भूकंप के झटके लगे हैं। तजाकिस्तान में 4.4 की तीव्रता वाला भूकंप आया है।

नेपाल में 4 तीव्रता का भूकंप

मंगलवार को नेपाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं है। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर (NEMRC) के मुताबिक, भूकंप मंगलवार सुबह 02.047 बजे आया, जिसका सेंटर ताप्लेजंग जिले के कंचनजंगा में था। बताया जा रहा है कि भूकंप पूर्वी नेपाल के दूसरे जिलों में भी महसूस किया गया।

भारत में मंगलवार 10 फरवरी 2026 को कहां-कहां भूकंप

देश/राज्यभूकंप का समयभूकंप का केंद्रभूकंप की तीव्रता
सिक्किम12:09:25 AMनामची2.3
अरुणाचल प्रदेश12:58:19 AMपश्चिम कामेंग3.1
सिक्किम02:32:34 AMनामची3.3
सिक्किम02:56:54 AMमंगन2.1
सिक्किम04:25:22 AMनामची3.4
सिक्किम05:30:44 AMमंगन2.1
सिक्किम05:35:29 AMनामची2.3
सिक्किम05:35:38 AMनामची3.3
तजाकिस्तान07:23:50 AM4.4
म्यांमार (बर्मा)07:27:00 AMम्यांमार से 151 किमी WSW3.9
नेपाल02:00:47 AMताप्लेजंग4.0
कर्नाटक11:43:47 AMविजयपुरा2.7
सिक्किम03:37:21 PMमंगन2.1

भारत के किन हिस्सों में भूकंप का ज्यादा खतरा?

भारत के कई शहर भूकंप को लेकर अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आते हैं। भारत का 59% हिस्सा भूकंप के प्रति संवेदनशील है। नवंबर 2024 से फरवरी 2025 तक भारत में 159 भूकंप दर्ज किए गए हैं। ये भूकंप दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक और असम से लेकर जम्मू कश्मीर तक महसूस किए गए हैं। हालांकि इन भूकंपों में जालमाल का नुकसान न के बरारबर हुआ है, लेकिन ये झटके भविष्य में आने वाली बड़ी तबाही का संकेत भी हैं।

भारत में भूकंप को लेकर अर्ली वार्निंग सिस्टम

भारत में पिछले कई सालों से भूकंप को लेकर अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। जिसमें 168 भूकंपीय वेधशालाओं का बड़ा योगदान है। भूकंप को लेकर सरकार की ओर से अलर्ट भेजने के लिए भूकंप संबंधी रियल टाइम जानकारी के लिए भूकैम्प ऐप लॉन्च किया गया। एनडीएमए की भूकंप जोखिम इंडेक्सिंग (ईडीआरआई) परियोजना 50 शहरों में भूकंप के जोखिमों का आकलन करती है, जिसमें 16 और शहरों को शामिल करने की योजना है।

भारत में भूकंप के जोन

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने भूकंप के जोखिम के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में वर्गीकृत किया है। जोन V सबसे अधिक सक्रिय है, जिसमें हिमालय जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जबकि जोन II सबसे कम प्रभावित है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने कई विनाशकारी भूकंपों का अनुभव किया है। भारत में भूकंप की निगरानी की शुरुआत 1898 में अलीपुर (कलकत्ता) में पहली भूकंपीय वेधशाला की स्थापना के साथ हुई थी। आज, राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क पूरे देश में भूकंप की गतिविधियों पर नजर रखता है। इकट्ठा किए गए डेटा को उन्नत तकनीक का उपयोग करके राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरणों के साथ साझा किया जाता है। यह प्रणाली भूकंप की पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर शोध भी करती है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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