केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 15वें भारतीय अंगदान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अंगदान मानवता की सबसे महान सेवा है।" उन्होंने कहा कि विज्ञान ने भले ही बहुत तरक्की कर ली हो, लेकिन किसी को जीवन देने वाला यह दान सबसे पवित्र योगदान है। 2023 में आधार-आधारित NOTTO ऑनलाइन प्रतिज्ञा पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक 3.30 लाख लोगों ने अंगदान की शपथ ली है, जो देश में जागरूकता और भागीदारी की बड़ी मिसाल है।
अंग प्रतिरोपण की संख्या में तीसरे स्थान पर भारत
उन्होंने बताया कि 2024 में भारत में 18,900 से अधिक अंग प्रतिरोपण (ट्रांसप्लांट) किए गए—जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। 2013 में यह संख्या सिर्फ 5,000 से कम थी। भारत अब दुनिया में अंग प्रतिरोपण की संख्या में तीसरे स्थान पर है—अमेरिका और चीन के बाद। इतना ही नहीं, भारत अब हाथ के प्रत्यारोपण (हैंड ट्रांसप्लांट) में भी सबसे आगे है, जो हमारी चिकित्सा क्षमता और डॉक्टरों की मेहनत को दर्शाता है।
कई प्रमुख लोगों को किया गया सम्मानित
समारोह में अंगदाताओं के परिजनों, अंग प्राप्तकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर NOTTO की वार्षिक रिपोर्ट, ई-न्यूज़लेटर और तीन नई जागरूकता पुस्तिकाएं जारी की गईं—जिनमें अंगदान, योग और आयुर्वेद के जरिए अंगों की सेहत, और राज्यों की श्रेष्ठ पहलें शामिल हैं
