प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को तलब कर अवैध खनन मामले (Illegal mining case) में पूछताछ के लिए आज रांची स्थित कार्यालय में पेश होने को कहा है। इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि मुझे ईडी ने आज तलब किया है जबकि आज छत्तीसगढ़ में मेरा पहले से ही एक कार्यक्रम है। अगर मैंने इतना बड़ा अपराध किया है, तो आओ और मुझे गिरफ्तार करो। क्यों हो रही है पूछताछ... ईडी कार्यालय के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का कहा कि आप झारखंडियों से क्यों डरते हैं?
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने अभी तक कुछ नहीं किया है। जब झारखंडी अपनी चीजो पर उतरेगा, तो वो दिन दूर नहीं जहां आप लोगों को यहां छिपने का मौका भी नहीं मिलेगा। इससे पहले उन्होंने कहा कि हमने राज्य में कुछ बाहरी गिरोहों की पहचान की है जो राज्य के आदिवासियों को अपने पैरों पर खड़ा नहीं होने दे रहे हैं। इस राज्य में बाहरी ताकतों का नहीं बल्कि झारखंडियों का राज होगा। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा का सफाया हो जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तीन नवंबर को तलब किया था। 47 वर्षीय सोरेन को गुरुवार को सुबह 11 बजे राज्य की राजधानी रांची के हिनू क्षेत्र में अपने क्षेत्रीय कार्यालय में संघीय जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। ईडी ने कहा कि एजेंसी धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मुख्यमंत्री से पूछताछ और बयान दर्ज करना चाहती है।
सोरेन ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संस्थाओं का 'दुरुपयोग' कर रही है क्योंकि वह राजनीतिक रूप से उनका सामना नहीं कर सकती। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता ने ट्वीट किया कि हमें विपक्ष के अनुरोध पर हमें भी बुलाया गया है। ईडी कितनी ताकतवर है यह दिखाने की कोशिश की गई है। लोग उन्हें हर साजिश का जवाब देंगे।
ईडी ने पहले इस मामले में सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और दो अन्य - स्थानीय बाहुबली बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया है कि उसने राज्य में अवैध खनन से संबंधित अपराध की अब तक 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की पहचान की है। ईडी की जांच तब शुरू हुई जब एजेंसी ने 8 जुलाई को मिश्रा और उनके कथित सहयोगियों पर छापा मारा, जिसमें झारखंड के साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में 19 स्थानों पर अवैध खनन और जबरन वसूली के कथित मामलों से जुड़े मामले शामिल थे।
