देश

टेरर फंडिंग पर रोक लगाने वाली वैश्विक संस्था FATF में भारत को मिली बड़ी कमान, सीनियर IAS विवेक अग्रवाल चुने गए वाइस प्रेसिडेंट

भारत के लिए ऐतिहासिक मौका है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को ग्लोबल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग संस्था FATF का नया उपाध्यक्ष चुना गया है।

Image

IAS विवेक अग्रवाल (चित्र साभार: X/@MinOfCultureGoI)

Photo : Twitter

भारत ने वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गवर्नेंस (वित्तीय शासन) के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारत सरकार के वरिष्ठ नौकरशाह और मौजूदा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing) पर लगाम लगाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का नया उपाध्यक्ष चुना गया है।

यह पहला मौका है जब भारत इस वैश्विक मानक-निर्धारक संस्था के उपाध्यक्ष पद की कमान संभालेगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस उपलब्धि को भारत के लिए एक बड़ी जीत करार दिया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत की बड़ी जीत

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा करते हुए लिखा "FATF में भारत की बड़ी जीत! भारत सरकार के सचिव श्री विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध वित्तीय नेटवर्क से निपटने के वैश्विक प्रयासों में भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को दर्शाती है।"

मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत लगातार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहिष्णुता) की नीति की वकालत करता रहा है। ऐसे में इस नेतृत्वकारी भूमिका से वैश्विक स्तर पर आतंकी नेटवर्कों को ध्वस्त करने और अवैध वित्तीय प्रणालियों को बेअसर करने के भारत के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

विवेक अग्रवाल के पास है वित्तीय खुफिया मामलों का लंबा अनुभव

मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी विवेक अग्रवाल एक अनुभवी प्रशासक हैं, जिन्हें सार्वजनिक नीति और वित्त के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। ये FATF में गाइल्स थॉमसन (यूके) का स्थान लेंगे। इनका कार्यकाल जुलाई 2026 से जून 2027 तक रहेगा।

पहले वे संस्कृति मंत्रालय का प्रभार संभालने से पहले वे वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव थे। वे भारत के फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) के निदेशक रह चुके हैं और उन्होंने पहले भी FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है। इसके अलावा, उन्होंने कृषि मंत्रालय में रहते हुए पीएम-किसान (PM-KISAN), डिजिटल एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी देश की फ्लैगशिप योजनाओं का नेतृत्व भी किया है।

इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक अग्रवाल ने कहा, "यह नियुक्ति मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ भारत के सामूहिक प्रयासों और हमारे मजबूत एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग ढांचे की वैश्विक स्वीकार्यता है। मैं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित, समावेशी और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"

200 से अधिक देशों में बढ़ा भारत का भरोसा

इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर संस्कृति मंत्रालय ने भी अपनी खुशी जाहिर की है। मंत्रालय के अनुसार, यह विकास दुनिया के 200 से अधिक क्षेत्राधिकारों (Jurisdictions) के बीच भारत द्वारा बनाई गई साख और भरोसे का प्रतीक है। खासकर डिजिटल भुगतान (Digital Payments) और वर्चुअल एसेट्स (क्रिप्टोकरेंसी जैसी आभासी संपत्ति) से उभरने वाले नए वैश्विक जोखिमों को लेकर नीति तय करने में भारत की भूमिका अब काफी अहम होने वाली है।

क्या है FATF और भारत के लिए इसके मायने?

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) एक अंतर-सरकारी संस्था है, जिसका मुख्यालय पेरिस में है। यह वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग, सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए कड़े नियम और मानक तय करती है। भारत साल 2010 से ही FATF का पूर्ण सदस्य रहा है। हाल ही में FATF के आपसी मूल्यांकन में भी भारत के मजबूत आर्थिक नियमों की काफी सराहना की गई थी। अब नेतृत्व में सीधे शामिल होने से सीमा पार से होने वाले वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग पर नकेल कसने में भारत की आवाज दुनिया भर में सबसे प्रभावी साबित होगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

UP: मदरसों में अब इंटर तक ही पढ़ाई, कामिल-फाजिल पाठ्यक्रम होंगे बंद, मौलाना शहाबुद्दीन ने पुनर्विचार की मांग उठाई

UP: मदरसों में अब इंटर तक ही पढ़ाई, कामिल-फाजिल पाठ्यक्रम होंगे बंद, मौलाना शहाबुद्दीन ने पुनर्विचार की मांग उठाई

आज की ताजा खबर, 6 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: सोनम वांगचुक बोले- मंत्रियों ने तोड़ा वादा...करणी सेना और नागपुर से उठे आरक्षण विरोधी स्वर, ईरान ने कहा, 'मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना बेहद कठिन'

आज की ताजा खबर, 6 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: सोनम वांगचुक बोले- मंत्रियों ने तोड़ा वादा...करणी सेना और नागपुर से उठे आरक्षण विरोधी स्वर, ईरान ने कहा, 'मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना बेहद कठिन'

'नेताओं ने मेरा भरोसा तोड़ दिया', सोनम वांगचुक ने क्यों कही ये बात, 26 दिन के अनशन से जुड़ी है घटना

'नेताओं ने मेरा भरोसा तोड़ दिया', सोनम वांगचुक ने क्यों कही ये बात, 26 दिन के अनशन से जुड़ी है घटना

कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रीय विस्तार, आशुतोष रांका ने नए रोडमैप और बड़े ऐलान के दिए संकेत, आज का दिन अहम

कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रीय विस्तार, आशुतोष रांका ने नए रोडमैप और बड़े ऐलान के दिए संकेत, आज का दिन अहम

'बांग्लादेश में पाकिस्तान की ISI को पूरी छूट मिली'...शेख हसीना के बेटे बोले- जेलों से छूटकर आतंकवादी आ रहे, भारत के लिए खतरा!

'बांग्लादेश में पाकिस्तान की ISI को पूरी छूट मिली'...शेख हसीना के बेटे बोले- जेलों से छूटकर आतंकवादी आ रहे, भारत के लिए खतरा!