देश

चीन को 'कायदे' में रखने के लिए उठाए पर्याप्त कदम, थियेटर कमान पर भी बोले IAF चीफ

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 4, 2022, 03:58 PM IST

Air Chief Marshal VR Chaudhari: एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वायु सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी गतिविधियों से निपटने के लिए ‘तनाव न बढ़ाने वाले’उपयुक्त कदम उठाए हैं। आठ अक्टूबर को वायु सेना दिवस के मद्देनजर एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर हाल के घटनाक्रम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए मजबूत सेना की आवश्यकता को बताते हैं।

Image

एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने कहा कि वह तीनों सेनाओं के एकीकरण के खिलाफ नहीं हैं।

Photo : ANI
  • Air Chief Marshal VR Chaudhari: एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वायु सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी गतिविधियों से निपटने के लिए ‘तनाव न बढ़ाने वाले’उपयुक्त कदम उठाए हैं। आठ अक्टूबर को वायु सेना दिवस के मद्देनजर एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर हाल के घटनाक्रम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए मजबूत सेना की आवश्यकता को बताते हैं।

'हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है IAF'

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि भारतीय वायु सेना ‘सबसे खराब स्थिति’समेत सभी तरह की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी कर रही है और वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ‘हम सक्रिय रूप से तैनात और सतर्क रहते हैं।’उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना एलएसी पर चीन की सभी गतिविधियों पर नजर रखती रहेगी।

हम तीनों सेनाओं के एकीकरण के खिलाफ नहीं -एयर चीफ मार्शल

चीन द्वारा एलएसी के समीप लड़ाकू विमान उड़ाने की हाल की घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तनाव ना बढ़े, इसके लिए उपयुक्त कदम उठाए गए हैं और पड़ोसी देश को एक संदेश दिया गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्थिति तभी सामान्य मानी जाएगी जब पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति बनायी जाएगी और गतिरोध वाले सभी बिन्दुओं से सैनिकों को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। तीनों सेनाओं की महत्वाकांक्षी एकीकरण योजना का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि भारतीय वायु सेना भविष्य के युद्धों के लिए सहयोगी सेनाओं के एक साथ मिलकर काम करने की अनिवार्यता को समझती है। उन्होंने कहा, ‘हम तीनों सेनाओं के एकीकरण के खिलाफ नहीं हैं, हमारी आपत्तियां केवल कुछ संरचनाओं को लेकर है।’उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना रक्षा उत्पादन में आत्म-निर्भरता के लिए सरकार के साथ तालमेल कर रही है।

End of Article