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AI विमान हादसे पर AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट, टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद बंद हो गए फ्यूल थे कंट्रोल स्विच

एक पायलट ने जब दूसरे से पूछा, 'तुमने क्यों बंद किया?, तो उसने जवाब दिया, 'मैंने नहीं किया।' बीते 12 जून को एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद से लंदन जाने के लिए उड़ान भरा था लेकिन यह हादसे का शिकार हो गया। ' बीते 12 जून को एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद से लंदन जाने के लिए उड़ान भरा था लेकिन यह हादसे का शिकार हो गया।

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बीते 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ एयर इंडिया का विमान।

AAIB Report on AI Plane Crash : एयर इंडिया विमान (AI 171) हादसे पर भारत के एयरक्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए। एक पायलट ने जब दूसरे से पूछा, 'तुमने क्यों बंद किया?, तो उसने जवाब दिया, 'मैंने नहीं किया।' बीते 12 जून को एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद से लंदन जाने के लिए उड़ान भरा था लेकिन यह हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में विमान हादसे में कुल 260 लोगों की जान गई। विमान मेडिकल छात्रावास पर गिरा यहां 19 अन्य लोग चपेट में आए जबकि विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हुई। एक यात्री जिंदा बच गया।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की मुख्य बातें

  • विमान में 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 15 यात्री बिजनेस क्लास में और 215 यात्री (जिसमें दो शिशु शामिल थे) इकोनॉमी क्लास में थे।
  • विमान में 54,200 किलोग्राम ईंधन था; विमान का टेक-ऑफ वज़न 2,13,401 किलोग्राम था, जो की सीमा के भीतर था। विमान में कोई 'खतरनाक सामान' नहीं था।
  • विमान ने 08:08:39 यूटीसी (13:08:39 IST) पर उड़ान भरी; इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच 1 सेकंड के अंतराल में बंद कर दिए गए थे। बाद में ये स्विच दोबारा चालू कर दिए गए।
  • लगभग 08:09:05 यूटीसी (13:09:05 IST) पर, पायलटों में से एक ने 'मेडे मेडे मेडे' का संदेश प्रसारित किया। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने कॉल साइन के बारे में पूछा लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला और विमान को हवाई अड्डे की सीमा के बाहर दुर्घटनाग्रस्त होते देखा गया।
  • मलबा स्थल की गतिविधियां, जिनमें ड्रोन से फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी शामिल थीं, पूरी कर ली गई हैं; मलबे को हवाई अड्डे के पास एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • दोनों इंजनों को बरामद कर हवाई अड्डे के एक हैंगर में अलग रखा गया है।
  • विमान में ईंधन भरने के लिए उपयोग किए गए बाउज़र और टैंकों से लिए गए ईंधन के नमूने डीजीसीए की प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद संतोषजनक पाए गए।
  • जांच के इस चरण में B787-8 विमान और/या GE GEnx-1B इंजन ऑपरेटरों और निर्माताओं के लिए कोई अनुशंसित कार्रवाई नहीं है।
  • प्रारंभिक सुरागों के आधार पर अतिरिक्त विवरण एकत्र किए जा रहे हैं।
  • जांच दल हितधारकों से मांगी जा रही अतिरिक्त साक्ष्य, अभिलेखों और सूचनाओं की समीक्षा और जांच करेगा।

'उड़ान के लिए दोनों पायलट फिट थे'

एयर इंडिया फ्लाइट में सवार होने से पहले पायलटों और क्रू का टेस्ट किया गया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे विमान उड़ाने के लिए फ़िट हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलट मुंबई के थे और उड़ान से एक दिन पहले अहमदाबाद पहुंचे थे। उन्हें पर्याप्त आराम मिला था। सभी पायलटों और क्रू का 06:25 बजे स्थानीय समय पर ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट भी किया गया, जिसमें वे 'फ्लाइट ऑपरेट करने के लिए फिट' पाए गए।

पायलटों का अनुभव

जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि विमान के पायलट (कैप्टन) के पास उड़ान का कितना अनुभव था। इसके मुताबिक कप्तान के पास 15,000 घंटे से अधिक का अनुभव था, जबकि सह-पायलट के पास 3,400 घंटे उड़ान का अनुभव था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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