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बिरयानी के साथ मांग लिया 'एक्स्ट्रा रायता', होटल स्टाफ ने पीट-पीटकर कर मार डाला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 11, 2023, 05:35 PM IST

Crime News: ग्राहक लियाकत रविवार शाम रेस्टोरेंट में आया और उसने बिरयानी ऑर्डर की। जब उसे बिरयानी परोसी गई तो उसमें रायता नहीं था। लियाकत ने रायता मांगा तो होटल स्टाफ ने इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।

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बिरयानी के साथ रायता मांगने पर मिली मौत

Photo : BCCL

Crime News: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक फेसम रेस्टोंरेंट में कर्मचारियों ने एक ग्राहक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। ग्राहक का कसूर बस इतना था कि उसने बिरयानी के साथ एक्स्ट्रा रायते की डिमांड कर दी थी। मृतक की पहचान लियाकत के रूप में हुई है। वह शादीशुदा था और उसके बच्चे भी थे।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना रविवार रात को पंजागुट्टा स्थित मशहूर मेरिडियन बिरयानी रेस्टोरेंट में घटी। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्टोरेंट और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बार-बार मांग रहा था रायता

सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ग्राहक लियाकत रविवार शाम रेस्टोरेंट में आया और उसने बिरयानी ऑर्डर की। जब उसे बिरयानी परोसी गई तो उसमें रायता नहीं था। लियाकत ने रायता मांगा तो होटल स्टाफ ने इनकार कर दिया। हालांकि, बार-बार रायता मांगने पर होटल कर्मचारियों से लियाकत की बहस हो गई, इससे रेस्टोरेंट का स्टाफ और मालिक नाराज हो गए।

कमरे के अंदर ले जाकर की मारपीट

बहस के बाद होटल के कर्मचारी लियाकत को पकड़कर एक कमरे में ले गए और उसके साथ मारपीट करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी। थोड़ी देर बार पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पुलिस स्टेशन लेकर चली गई। इसी दौरान लियाकत ने सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की और फर्श पर गिर गया। जब पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना का सामने आया वीडियो

घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों समूहों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। एक चश्मदीद ने दावा किया कि लिकायत को होटल के मैनेजर समेत होटल स्टाफ ने बुरी तरह पीटा था। उधर, पुलिस ने उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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