वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों के मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर अहंकारी होने का आरोप लगाया और यहां तक कहा कि भाजपा नेताओं के बच्चे भी आंदोलन से सहमत थे। इस दौरान एक असंसदीय शब्द के इस्तेमाल के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के भाषण के दौरान बार-बार व्यवधान डाला। चलिए जानते हैं राहुल गांधी के संबोधन की 10 बड़ी बातें -
राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि देश के युवा सम्मान चाहते हैं। NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की नफरत या गुस्सा नहीं था। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनमें यहां बैठने की हिम्मत नहीं है।
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- प्रदर्शन में नफरत या गुस्सा नहीं था
- छात्रों का गुस्सा जायज था
- छात्र पेपर लीक से दुखी, वह सच्चाई से नहीं डरते
- छात्र मानते हैं कि सरकार अहंकारी है (टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - भारतीय रेलवे ने की गणपति स्पेशल ट्रेनों की घोषणा, जानें कब खुलेगी बुकिंग)
- भाजपा नेताओं के बच्चे भी आंदोलन से सहमत
- तीन कैटेगरी है.. स्टूडेंट, इडियट और अंधभक्त
- एजुकेशन सिस्टम वसूली से भरा, अमीर बच्चे पैसे देकर पेपर और नौकरी पा लेते हैं
- छात्र एजुकेशन सिस्टम से परेशान है, प्राइवेट कंपनी एक्जाम चेक रही है
- गृह मंत्री के अंदर आज यहां बैठने की हिम्मत नहीं है। क्योंकि वो डरे हुए हैं
- धर्मेंद्र प्रधान कभी शिक्षा मंत्रालय को नहीं चलाते थे, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चलाता है। आज हर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर आसएसएस
