ड्रग तस्करी और आतंकी फंडिंग के मामले में आरोपी भगोड़े इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से बुधवार को भारत लाया गया है। दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत यह कार्रवाई की गई। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इकबाल को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े इस आरोपी पर पाकिस्तान से ड्रग्स तस्करी और हवाला नेटवर्क के माध्यम से आतंकियों तक फंड पहुंचाने का आरोप है।
2020 में भारत से फरार हुआ था इकबाल
जानकारी के अनुसार, अमृतसर का रहने वाला इकबाल सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। वह साल 2020 से पुर्तगाल में छिपा हुआ था। उसके खिलाफ 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। जिसके बाद जून 2021 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था।
भारत सरकार की कई एजेंसियों ने मिलकर आरोपी इकबाल के पुर्तगाल से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया पूरी की। इस कार्रवाई में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्रवाई में पुर्तगाल की एजेंसियों ने भी भारत का सहयोग किया।
इकबाल पर कौन से आरोप हैं?
NIA के अनुसार, अमृतसर निवासी इकबाल सिंह उर्फ शेरा हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। आरोप है कि वह पाकिस्तान से पंजाब में ड्रग्स की तस्करी करता था है। वह सिर्फ नशीले पदार्थों की सप्लाई ही नहीं करता था, बल्कि उसके वितरण का काम भी देखता था। जांच में यह भी पता चला है कि इकबाल ड्रग्स से कमाए गए पैसों को हवाला नेटवर्क से पाकिस्तान और कश्मीर में एक्टिव हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों तक भेजता था, जिससे आतंकी गतिविधियों को फंडिंग मिल सके।
कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को इकबाल सिंह को NIA की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। अब एजेंसी उससे पूछताछ करेगी और पूरे नेटवर्क व उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। भारतीय दूतावास का कहना है कि यह प्रत्यर्पण भारत सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत अपराधियों को विदेशों से वापस भारत लाकर यहां की अदालतों में कानून के तहत सजा दिलाई जा रही है।
