हिमाचल प्रदेश में रविवार (11 दिसंबर, 2022) को अपने शपथ ग्रहण समारोह से ऐन पहले कांग्रेस के सीनियर नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू सूबे की कांग्रेस चीफ प्रतिभा वीरभद्र सिंह को प्रोग्राम के लिए न्यौता देने पहुंचे।
सुक्खू इस बाबत मीडिया वालों से बोले- मेरा दायित्व है कि जो प्रदेश में पार्टी को आगे लेकर चलती हैं, जो हमारी प्रदेश अध्यक्ष हैं...उनके पास जाना और उन्हें शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित करना, यह पहला आमंत्रण है जो हम दे रहे हैं।
वहीं, प्रतिभा सिंह इस दौरान बोलीं- आखिर मैं कार्यक्रम में क्यों नहीं जाऊंगी? बिल्कुल, जाऊंगी। यह मेरा मूल कर्तव्य है कि जब वह सीएम पद की थपथ लें, तब मैं वहां मौजूद रहूं।
उधर, कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने पत्रकारों से कहा- सुक्खू को नए सीएम के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई। शपथ ग्रहण में कई शीर्ष नेतृत्व शामिल होंगे। कांग्रेस पार्टी एक थी, एक है और एक रहेगी। जो भी शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है, वह हमारे लिए स्वीकार्य है। यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी। हम चट्टान की तरह उनके साथ खड़े रहेंगे।
ये होंगी सुक्खू के सामने बड़ी चुनौतियां:
- सरकार चलाने की चुनौती- वादे पूरे करने की चुनौती
- सियासी संतुलन साधने की चुनौती।
हिमाचल में भले ही ऊपरी तौर पर चीजें ठीक होने का दावा हो रहा हो, मगर अंदरखाने में असंतोष की बात कही जा रही है। दरअसल, सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म है कि प्रतिभा सिंह का कैंप अदंरखाने खफा है। उसमें असंतोष पनपा हुआ है। ऐसा इसलिए, क्योंकि नई सरकार में उनके खेमे से किसी को उप-मुख्यमंत्री पद भी नहीं दिया गया। यह एक तरह से राज परिवार की उपेक्षा बताई जा रही है।
