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HP New Cabinet Ministers:हिमाचल में मंत्री की रेस में ये नाम,जानें किसे दे सकते है सुक्खू मौका

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 13, 2022, 05:45 PM IST

Himachal Pradesh Mantrimandal List 2022, HP New Cabinet Ministers List: ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु शुरू में छोटा मंत्रिमंडल बना सकते हैं। इसमें 10-12 मंत्रियों को जगह मिल सकती है। जिससे कि 2-3 साल बाद मंत्रिमंडल का विस्तार, करना आसान रहे है।

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हिमाचल मंत्रिमंडल के लिए ये नाम रेस में

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • कांगड़ा, शिमला क्षेत्र से ज्यादा मंत्री बनाए जाने की संभावना
  • प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह का मंत्री बनना तय
  • जातिगत समीकरण और गुटों को साधने की कोशिश

Himachal Pradesh New Cabinet Ministers: हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू को कमान मिल गई है। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद अब सबकी नजरें, मंत्रिमंडल पर है। गुजरात की तरह यहां पर मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों ने शपथ नहीं ली है। ऐसे में अब कौन मंत्री बनेगा और उसे क्या विभाग मिलेगा, इसी का सबको इंतजार है। इसके पहले अंदरखाने कांग्रेस में बैठकों का दौर जारी है। जिसमें जातिगत, क्षेत्रीय समीकरण, सभी गुटों को तरजीह देने के साथ-साथ युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए मंथन जारी है।

ये नाम रेस में आगे

ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शुरू में छोटा मंत्रिमंडल बना सकते हैं। इसमें 10-12 मंत्रियों को जगह मिल सकती है। जिससे कि 2-3 साल बाद मंत्रिमंडल का विस्तार, करना आसान रहे है। पार्टी कांगड़ा और शिमला में कांग्रेस की प्रचंड जीत को देखते हुए, कैबिनेट में यहां से 4-5 लोगों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दे सकती है।

मंत्री बनने की रेस में सबसे तय नाम कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह का माना जा रहा है। और इस बात का इशारा खुद मुख्यमंत्री बनने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खु भी दे चुके हैं। इनके अलावा कुलदीप राठौड़, रोहित ठाकुर,अनिरूद्ध सिंह, मोहनलाल ब्राक्टा, धनीराम शांडिल जैसे नेताओं के नाम रेस में शामिल हैं।

पार्टी की कोशिश रहेगी कि शिमाल, कांगड़ा, सोलन क्षेत्र से पार्टी की जीत का तोहफा दिलाने वाले विधायकों को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। इसके अलावा रवि ठाकुर और जगत सिंह नेगी को जनजातीय कोटे से मंत्री बनाया जा सकता है।

रेस में कौन से नाम शामिल
कुलदीप राठौड़
रोहित ठाकुर
मोहनलाल ब्राक्टा
अनिरूद्ध सिंह
धनीराम शांडिल
रवि ठाकुर
जगत सिंह नेगी
हर्षवर्धन सिंह चौहान
राजेश धर्माणी
गुटबाजी रोकने के लिए डिप्टी सीएम का कार्ड

चुनावों से पहले जिस तरह पार्टी में गुटबाजी थी, उसे देखते हुए पार्टी सभी गुटों को खुश करने की कोशिश में है। इसी को देखते हुए मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम बनाया गया है। इसके अलावा वीर भद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को मंत्री पद देने का इशारा कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने प्रतिभा सिंह गुट को भी शांत करने की कोशिश की है। खैर इन कवायदों के बीच मुख्यमंत्री को ब्राह्मण, राजपूत,ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को भी प्रतिनिधित्व देकर जातिगत समीकरण साधने होंगे। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 68 में से 40 सीटें मिली है। जबकि भाजपा को 25 सीटों पर जीत हासिल हुई है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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