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महंगी होने जा रही शराब, अब हर बोतल पर लगेगा Cow Tax; जानें क्या है सुक्खू सरकार की योजना

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 17, 2023, 04:32 PM IST

Cow Tax on liquor: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। उन्होंने गौ-संरक्षण के लिए शराब पर Cow Tax लगाने की घोषणा की है।

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हिमाचल प्रदेश में गौ सरंक्षण के लिए शराब पर लगेगा Cow Tax

Photo : iStock

Himachal Pradesh Budget 2023-24: अगर आप हिमाचल प्रदेश में रहते हैं और शराब का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। सरकार की योजना के मुताबिक, राज्य में शराब महंगी होने जा रही है। दरअसल, यहां शुक्रवार को पेश हुए बजट में शराब पर Cow Tax लगाने की घोषणा की गई है। इसके तहत गौ संरक्षण के लिए हर बोतल पर 10 रुपये का टैक्स लगाया गया है। यह Cow Tax शराब की हर साइज की बोतल पर वसूला जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य को 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जिससे बड़े स्तर पर गायों का संरक्षण किया जा सकेगा।

अन्य राज्यों में भी वसूला जाता है Cow Tax

बजट पेश करते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया, हिमाचल प्रदेश से पहले कई अन्य राज्यों में भी गाय उपकर वसूल किया जाता है। इसमें पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं। हालांकि, इन राज्यों में शराब की जगह अन्य वस्तुओं पर यह उपकर लगाया जाता है। यह उपकर अलग-अलग राज्यों में दो प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक है। सरकार का कहना है कि गाय उपकर से जुटे राजस्व का इस्तेमाल सड़कों से गायों को हटाने और उनकी देखभाल में किया जाएगा।

सुक्खू ने पेश किया पहला बजट

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। बजट में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 53,413 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने कई विभागों में रिक्त पड़े 30 हजार पदों को भरने की भी बड़ी घोषणा की है।

सरकार ने की कई बड़ी घोषणाएं

कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने अपने पहले बजट में कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं। गाय उपकर के अलावा राज्य में सार्वजनिक यातायात की दुरुस्त करने का ऐलान किया गया है। इसके तहत सरकार 1000 करोड़ की लागत से 1500 डीजल बसों को इलेक्ट्रॉनिक बसों में बदलने जा रही है। इसके अलावा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 20 हजार लड़कियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 25 हजार रुपये की सब्सिडी देने की भी घोषणा की गई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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