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हिमाचल को अब तक 7000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, जानें पहाड़ों पर क्यों कहर बरपा रही बारिश? IMD ने सब बताया

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 16, 2023, 10:07 AM IST

Himachal Pradesh Flood: हिमाचल में आने वाले 48 घंटों में राज्य में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कांगड़ा, मंडी और शिमला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अन्य ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के छह जिलों-देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत हरिद्वार में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है ।

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हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है।

Photo : Twitter

Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश में एक फौरी राहत के बाद तबाही का मंजर फिर से लौट आया है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिस कारण बड़े हादसे हो रहे हैं। राज्य में बारिश के कारण हुई अलग-अगल घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि मृतकों का आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है।

कुछ ऐसा ही हाल उत्तराखंड का भी है। यहां भी जमकर बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन का खतरा मंडाने लगा है। यहां चमोली के जोशीमठ में भी बड़ा हादसा हो गया। एक क्रेशन प्लांट के पास मकान भरभराकर गिर गया, जिसमें 7 मजदूर दब गए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के पीछे दो तंत्र काम कर रहे हैं।

इस कारण हो रही बारिश

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पहला कारण पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। दूसरा मानसून की ट्रफ की लोकेशन हिमालय की तलहटी में है और दक्षिणी-पश्चिमी अरब सागर की मानूसनी हवाएं हिमालय की तलहटी से टकरा रही हैं। इन्हीं दोनों कारणों से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हो रही है। IMD के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बनने वाली मानसून की ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ रही है।

फिलहाल नहीं मिलने वाली है राहत

मौसम विभाग ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान भारी बारिश जारी रहने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रफ रेखा 20 अगस्त के आसपास फिर से उत्तर की ओर बढ़ेगी, इसके बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिर से भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल में आने वाले 48 घंटों में राज्य में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कांगड़ा, मंडी और शिमला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अन्य ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कल बिलासपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा और चंबा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के छह जिलों-देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत हरिद्वार में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है ।

हिमाचल प्रदेश में 7 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण राज्य में 12 में से 11 जिलों में 857 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध है। 4,285 ट्रांसफार्मर और 889 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार, 22 जून से 14 अगस्त तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को 7,171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य में बादल फटने तथा भूस्खलन की कुल 170 घटनाएं हुई हैं और करीब 9,600 मकान आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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