हिमाचल में बीजेपी ने अपने पांच बड़े नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। निष्कासन वाली इस लिस्ट में चार पूर्व विधायक और एक पार्टी पदाधिकारी का नाम शामिल है। ये सभी निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। जिससे बीजेपी को अपने उम्मीदवारों का नुकसान होने का डर है।
भाजपा ने जिन पांच नेताओं को निकाला है, उनमें किन्नौर से तेजवंत सिंह नेगी हैं, जो पहले विधायक रह चुके हैं। इसके बाद लिस्ट में आनी से किशोरी लाल का नाम शामिल हैं, ये भी पहले विधायक रह चुके हैं। इसके बाद इंदौरा से मनोहर धीमान और नालागढ़ से के एल ठाकुर का नाम शामिल है, दोनों पूर्व विधायक हैं। इसके अलावा फतेहपुर से कृपाल परमार का भी नाम इस लिस्ट में शामिल हैं, जो भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
इन सभी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। ये सभी टिकट नहीं मिलने से नाराज थे और निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। पार्टी ने पहले इन्हें समझाया था, लेकिन जब नहीं माने तो इन्हें भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी ने जिस तरह से इस चुनाव में टिकट बांटा है उससे एक दर्जन से ज्यादा नेता राज्य में नाराज बताए जा रह हैं। इनमें से कई चुनावी मैदान में निर्दलीय कूदे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार 21 विधानसभा सीटों पर बागियों ने ताल ठोक दिया है, जिससे बीजेपी के समीकरण इन सीटों पर गड़बड़ाते दिख रहे हैं।
बता दें कि बीजेपी पीएम मोदी और सीएम जयराम ठाकुर के दम पर इतिहास बदलने की कोशिश में लगी है। हिमाचल में कई दशकों से कोई भी सरकार रिपीट नहीं हुई है, लेकिन इस बार बीजेपी की कोशिश है कि वो इस परंपरा को अपनी जीत से खत्म कर दे, लेकिन ये बागी उसके लिए मुसीबत बने हुए हैं।
