Nuh Bulldozer Action: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा सरकार को नूंह जिले में चल रहे विध्वंस अभियान को रोकने का आदेश दिया। यहां पिछले सप्ताह सांप्रदायिक हिंसा हुई थी जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति जी.एस. संधावालिया की अध्यक्षता वाले उच्च न्यायालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य सरकार से अगले आदेश तक बुलडोजर कार्रवाई रोकने को कहा। इस मामले पर बाद में सुनवाई की जाएगी।
घरों, दुकानों सहित 750 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त
पिछले पांच दिनों में स्थानीय प्रशासन ने घरों, दुकानों सहित 750 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है। अधिकारियों ने दावा किया कि ध्वस्त निर्माण सरकारी जमीन पर किए गए थे और सांप्रदायिक झड़पों के दौरान संदिग्धों द्वारा इसका इस्तेमाल किया गया था। मामले में पीड़ितों की ओर से पेश वकील मोहम्मद अरशद ने आरोप लगाया कि कब्जाधारियों को बिना किसी पूर्व सूचना दिए 3 अगस्त से नूंह में विध्वंस अभियान जारी है।
नूंह में अब तक 37 जगहों पर 57.5 एकड़ जमीन से अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही नूंह में अब तक 162 स्थाई और 591 अस्थाई निर्माण गिराए जा चुके हैं। नूंह के पुन्हाना, पिंगनवा, नगीना, टौरू और फिरोजपुर झिरका में प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने अर्धसैनिक बल और पुलिस के साथ पहुंचकर अतिक्रमण हटाकर जमीन को मुक्त किया। यहां कई अवैध निर्माण थे और जिस होटल से पथराव किया गया था, वह भी अवैध तरीके से बनाया गया था। हरियाणा पुलिस ऐसी सभी इमारतों की पहचान कर रही है जहां से पत्थर फेंके गए थे। ऐसी सभी इमारतों पर एक्शन होगा।
हिंसा के आरोपियों की तलाश
पुलिस हिंसा में शामिल आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी है। कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में अब तक 56 एफआईआर दर्ज की गई हैं। करीब 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 83 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 8 लोगों को राजस्थान के भरतपुर-अलवर से गिरफ्तार किया गया है।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
जिला प्रशासन ने शनिवार को नलहर मेडिकल कॉलेज के आसपास की 2.6 एकड़ जमीन समेत 12 अलग-अलग स्थानों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया था। डीएम ने कहा कि अवैध निर्माण और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई चलती रही है। एसडीएम अश्विनी कुमार ने कहा कि अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। इनके मालिकों को पहले ही नोटिस दिए गए थे।
