Petal Gahlot: पाकिस्तान, वो देश जहां आतंकियों का जन्म होता है। इसके बाद इन आतंकियों को दुनियाभर में एक्सपोर्ट किया जाता है। हद तो तब हो जाती है, जब संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों से आतंकियों के सबसे बड़े 'सेफ हाउस' का प्रधानमंत्री शांति और पुरानी घिसी-पिटी कश्मीर व सिंधु जल संधि का राग अलापता है। हालांकि, हर बार भारत प्याज के छिलके की तरह उसकी हर सच्चाई को परत-दर-परत खोलकर दुनिया के सामने रख देता है। इस बार भी भारत ने ऐसा ही किया है।
भारत की पेटल गहलोत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की बातों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने पिछले साल भी यूएन में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान का जवाब दिया था। जिस बेबाक अंदाज में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों को दुनिया के सामने रखा है, उसके बाद उनकी खूब चर्चा हो रही है। आइए, पेटल गहलोत की जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें जानते हैं।
वह भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं, जिन्होंने विदेश मंत्रालय के अलावा भारत के पेरिस और सैन फ्रांसिस्को स्थित मिशनों में भी काम किया है। जुलाई 2023 से वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर तैनात हैं। अप्रैल 2026 की भारत के स्थायी मिशन की आधिकारिक स्टाफ सूची में भी उनका पद फर्स्ट सेक्रेटरी दर्ज है।
जुलाई 2023 से न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर तैनात हैं पेटल गहलोत। petel gehlot x handle
क्या है पेटल गहलोत का पद?
पेटल गहलोत इस समय न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी हैं। भारत के स्थायी मिशन की अप्रैल 2026 की आधिकारिक सूची में उनका नाम और पद दर्ज है। संयुक्त राष्ट्र में फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर उनका काम विभिन्न बैठकों और बहुपक्षीय मंचों पर भारत के आधिकारिक पक्ष को रखने से जुड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट पर उपलब्ध भारत के स्थायी मिशन के रिकॉर्ड से भी पता चलता है कि गहलोत 2026 में कई महत्वपूर्ण बैठकों में भारत की ओर से बयान दे चुकी हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने छोटे द्वीपीय विकासशील देशों से जुड़े एक सत्र में भारत का पक्ष रखा था। इसी महीने एक अन्य संयुक्त राष्ट्र मंच पर उन्होंने पाकिस्तान की ओर से उठाए गए मुद्दे का जवाब भी दिया था।
विदेश सेवा में कब हुई एंट्री?
उपलब्ध प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पेटल गहलोत 2015 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुई थीं। विदेश सेवा में आने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय में काम किया और इसके बाद विदेशों में भारतीय मिशनों में भी जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी विदेश सेवा की यात्रा में पेरिस और सैन फ्रांसिस्को की पोस्टिंग भी शामिल रही है। संयुक्त राष्ट्र में तैनाती से पहले वह विदेश मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं।
पेटल ने राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य की पढ़ाई की। Petal Gahlot X handle
पढ़ाई में भी रहीं आगे
पेटल गहलोत की पढ़ाई का संबंध राजनीति, समाजशास्त्र, भाषा और अंतरराष्ट्रीय मामलों से रहा है। उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य की पढ़ाई की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री की। मीडिया प्रोफाइल में उनके कॉलेज के दिनों में सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े होने का भी उल्लेख मिलता है। उनकी पढ़ाई का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा भाषा और अनुवाद से जुड़ा रहा है। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से भाषा व्याख्या और अनुवाद में उच्च शिक्षा हासिल की।
सिविल सेवा की तैयारी के दौरान लिखती थीं ब्लॉग
पेटल गहलोत ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव भी सार्वजनिक रूप से साझा किए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और दूसरी कोशिश में सफलता हासिल की। उन्होंने अपनी तैयारी के अनुभवों पर ब्लॉग भी लिखा है। इसमें उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान आने वाली चुनौतियों और उस दौर के अनुभवों को साझा किया था।
पेटल गहलोत 2015 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुईं।
डिप्लोमैट के साथ संगीत का भी शौक
पेटल गहलोत की प्रोफाइल का एक दिलचस्प पहलू उनका संगीत प्रेम है। उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया रिपोर्टों में उन्हें गिटार बजाते और गाते हुए देखा गया है। 2025 में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के खिलाफ उनके जवाब के बाद उनका एक पुराना गिटार वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। उनके प्रोफाइल में संगीत को उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल बताया गया है।
यानी एक तरफ पेटल गहलोत संयुक्त राष्ट्र जैसे गंभीर कूटनीतिक मंच पर भारत का पक्ष रखती हैं, तो दूसरी तरफ संगीत और गिटार में भी उनकी रुचि रही है। यही वजह है कि उनके सार्वजनिक भाषणों के साथ-साथ उनकी निजी रुचियां भी लोगों का ध्यान खींचती हैं।
संयुक्त राष्ट्र में उनकी भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत के राजनयिकों की भूमिका सिर्फ भाषण देने तक सीमित नहीं होती। अलग-अलग बैठकों में भारत की नीतियों और आधिकारिक रुख को सामने रखना, दूसरे देशों के बयानों का जवाब देना और भारत के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना भी इसका हिस्सा है।
'राइट टू रिप्लाई' इसी कूटनीतिक प्रक्रिया का एक माध्यम है। जब किसी देश का प्रतिनिधि किसी दूसरे देश के खिलाफ कोई टिप्पणी करता है, तो संबंधित देश को जवाब देने का अवसर मिल सकता है। पेटल गहलोत ने 2025 और 2026 में पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर इसी माध्यम से भारत का पक्ष रखा है।
सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, दूसरे मुद्दों पर भी सक्रिय
पेटल गहलोत की संयुक्त राष्ट्र में भूमिका सिर्फ भारत-पाकिस्तान मुद्दे तक सीमित नहीं है। जुलाई 2026 में उन्होंने छोटे द्वीपीय विकासशील देशों से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के एक सत्र में भारत की ओर से बयान दिया था।
उन्होंने विकास, जलवायु अनुकूलन, डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, आपदा से निपटने की क्षमता और विकासशील देशों के लिए वित्तीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा था। इससे स्पष्ट होता है कि संयुक्त राष्ट्र में उनका काम कई बहुपक्षीय मुद्दों से जुड़ा है और पाकिस्तान से जुड़े जवाब उनके राजनयिक कार्य का एक हिस्सा हैं।
