Heatwave In India: उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका इस समय भीषण और जानलेवा हीटवेव (लू) की चपेट में है। इस बीच देश के सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किए गए उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है। दोपहर की चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी से आम जनता को बचाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठा कदम उठाया है।
बांदा जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने शहर के मुख्य चौराहों पर दोपहर के समय ट्रैफिक सिग्नलों को बंद कर उन्हें 'फ्री फ्लो' (Free Flow) मोड पर डालना शुरू कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि दोपहर की भीषण तपिश में अब राहगीरों और वाहन चालकों को लाल बत्ती (Red Light) पर रुककर तपना नहीं पड़ेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
बांदा में पिछले करीब एक हफ्ते से तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। हाल ही में यहाँ का अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने इसे पूरे भारत का सबसे गर्म स्थान बना दिया।
भीषण धूप में चौराहों पर सिग्नल के कारण होने वाली देरी से लोग बीमार पड़ रहे थे और उन्हें सीधे धूप का सामना करना पड़ रहा था। इसी असुविधा को कम करने के लिए प्रशासन ने दोपहर के पीक ऑवर्स (जब धूप सबसे तेज होती है) के दौरान ट्रैफिक लाइट की साइकिल को बाईपास करने का फैसला किया है। हालांकि, सुबह और शाम के समय जब धूप का असर कम होता है, तब सिग्नल सामान्य रूप से काम करेंगे।
यात्रियों के लिए शेल्टर और पुलिसकर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था
बांदा के एडिशनल एसपी शिवराज प्रजापति ने बताया, "हमने दोपहर के समय सिग्नल लाइटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि यात्रियों को बेवजह लाल बत्ती पर न रुकना पड़े। इसके अलावा, राहगीरों की सुविधा के लिए सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर 'शेल्टर' (छायादार शेड) बनाए गए हैं, जहां लोग गर्मी से बचने के लिए शरण ले सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि ऑन-ड्यूटी तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सेहत का भी ध्यान रखा जा रहा है। धूप में खड़े रहने वाले जवानों को विशेष छाते (Umbrellas) और स्कार्फ/अंगोछे उपलब्ध कराए गए हैं।
बांदा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने के पीछे कई गंभीर भौगोलिक और स्थानीय कारण ज़िम्मेदार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बांदा की भौगोलिक स्थिति कर्क रेखा (Tropic of Cancer) के बेहद नजदीक है, जिसके कारण यहां सूर्य की किरणें सीधे और लंबवत पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इसके साथ ही, यह एक पठारी इलाका है जहाँ की मिट्टी में नमी की भारी कमी पाई जाती है और आसमान के पूरी तरह साफ रहने की वजह से तपिश सीधे ज़मीन को झुलसाती है।
पूरे उत्तर प्रदेश में 'रेड अलर्ट'
मौसम विभाग (IMD) ने बांदा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के लिए भीषण हीटवेव का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहने की चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 6 से 7 दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
