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'अब क्यों आये हो?' बाढ़ पीड़ित ने हरियाणा JJP विधायक को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 12, 2023, 11:21 PM IST

Haryana Flood News: जेजेपी विधायक ईश्वर सिंह चीका क्षेत्र में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान लोग भड़क गए और उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इसी दौरान विधायक को एक महिला ने थप्पड़ जड़ दिया।

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महिला ने विधायक को जड़ा थप्पड़(स्क्रीन ग्रैब)

Photo : ANI

Haryana Flood News: हरियाणा में कैथल के गुहला में एक महिला ने जननायक जनता पार्टी (JJP) के विधायक ईश्वर सिंह को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। इस दौरान लोगों ने विधायक के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि जेजेपी विधायक ईश्वर सिंह चीका क्षेत्र में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान लोग भड़क गए और उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। वायरल हो रहे वीडियो में एक महिला विधायक से सवाल पूछ रही है कि पांच साल तो दिखाई नहीं पड़े, अब क्या लेने आए हो? बता दें, हरियाणा में जेजेपी भाजपा के साथ सरकार में है।

विधायक ने महिला को किया माफ

जेजेपी विधायक को थप्पड़ मारे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ईश्वर सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि वह महिला पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने उस महिला को माफ कर दिया है।

हरियाणा के कई इलाकों में आई बाढ़

हरियाणा में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति है। यहां के चीका क्षेत्र में घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिस कारण 40 गावों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और कई गांव पानी में डूब गए हैं। बुधवार शाम पंजाब बॉर्डर से लगे भाटिया गांव में घग्गर बांध भी टूटा गया है, जिससे पानी गांवों में भर आया है। राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे भी किया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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