गुजरात में स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए आज मतदान होगा।इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय टक्कर है,जबकि एआईएमआईएम भी मुकाबले को बहुकोणीय बनाने में जुटी है।
शाह डालेंगे वोट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित वरिष्ठ भाजपा नेता रविवार को अपना वोट डालेंगे। शाह सुबह 11 बजे अहमदाबाद के नारनपुरा उप-क्षेत्रीय कार्यालय में मतदान करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शिलाज प्राथमिक विद्यालय में अपना वोट डालेंगे।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी क्रमशः अहमदाबाद और सूरत के मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
10 हजार उम्मीदवार मैदान में
राज्य के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए कुल 9,992 उम्मीदवार मैदान में हैं। करीब 4.18 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 28 अप्रैल को की जाएगी।
परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन से बदला समीकरण
इन चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के नए नियमों के तहत परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन किया गया है, जिससे कई सीटों का समीकरण बदला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत देंगे।
भाजपा के लिए खास है चुनाव
भाजपा के लिए यह चुनाव खास इसलिए भी है क्योंकि वह पिछले तीन दशकों से राज्य में अपना दबदबा बनाए हुए है। गुजरात की राजनीति में परंपरागत रूप से भाजपा और कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। चुनाव प्रचार की शुरुआत में आम आदमी पार्टी (आप) अन्य पार्टियों से आगे रही। आप के लिए यह पहली बार है कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी स्थानीय चुनाव में लगभग 5,000 सीट पर चुनाव लड़ रही है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। करीब 29,000 मतदान भवनों और 49,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बल तैनात हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जिसमें CCTV और अतिरिक्त पुलिस बल शामिल हैं।
पिछले चुनावों के ऐसे थे नतीजे
मार्च 2021 में, भाजपा ने गुजरात के स्थानीय चुनाव में एक बार फिर शानदार जीत हासिल की थी। उसने विभिन्न नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीतकर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से काफी आगे निकल गई।भाजपा ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था।
