देश

गुजरात में भारी बारिश से हाहाकार, CM भूपेंद्र पटेल ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग, अधिकारियों को दिए निर्देश

Gujarat Floods: गुजरात में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से अब तक 17,827 लोगों का स्थानांतरण किया गया और 1,653 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 13 व एसडीआरएफ की 22 टीमें तैनात की गई हैं।

Image

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक।

Photo : Times Now Digital

Gujarat Floods: गुजरात में भारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) पहुंच कर वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों, महानगर पालिका आयुक्तों तथा जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की और स्थिति की गहन जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निचले क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की हिदायत दी। साथ ही जिला कलेक्टरों तथा मनपा आयुक्तों से स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी प्राथमिकता मनुष्य जीवन तथा पशु धन की जानहानि को रोकना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदी-मालों या सड़कों पर जब वर्षा जल उफान पर हो, तब वहां किसी को भी न जाने देने के प्रति सतर्कता रखने और जरूरत पड़े, तो पुलिस की सहायता से सख्ती बरत कर भी लोगों को रोकना जरूरी है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टरों को जरूरी निर्देश दिए।

लोगों को प्राथमिकता पर किया जाए रेस्क्यू

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पानी में फंसे लोगों के रेस्क्यू को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय पुलिस की सहायता से लोगों को रेस्क्यू करने के साथ सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के कार्यों का विवरण भी प्राप्त किया। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में अब तक 17,827 लोगों का स्थानांतरण किया गया और 1,653 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 13 व एसडीआरएफ की 22 टीमें तैनात की गई हैं, जो राहत एवं बचाव कार्य में सहायता कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले 24 घण्टों में हुई भारी वर्षा तथा व्यापक वर्षा के बारे में भी ब्यौरा प्राप्त किया, जिसके अनुसार समग्र राज्य में पिछले 24 घण्टों में 33 जिलों की 244 तहसीलों में वर्षा दर्ज हुई है। इस अवधि के दौरान राज्य में 63.36 प्रतिशत वर्षा हुई है तथा सर्वाधिक 356 मिलीमीटर वर्षा नवसारी जिले के खेर गाँव में दर्ज हुई है। इसके अलावा; सोमवार को सुबह 6 से 10 बजे के दौरान पंचमहाल जिले के मोरवा हडफ में सर्वाधिक 157 मिलीमीटर वर्षा हुई। इस प्रकार; समग्र गुजरात में इस वर्ष मौसम की 91.88 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article