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गुजरात उपचुनाव: भाजपा ने बरकरार रखी मांजलपुर सीट, सतीश पटेल ने 30,630 मतों से दर्ज की जीत

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  • Updated Aug 3, 2026, 07:34 PM IST

वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की है। यह उपचुनाव भाजपा विधायक एवं गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण आवश्यक हो गया था। योगेश पटेल का लंबी बीमारी के कारण दो जून को निधन हो गया था।

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भाजपा ने बरकरार रखी मांजलपुर सीट। (फोटो- ai)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सोमवार को जीत दर्ज कर यह सीट अपने पास बरकरार रखी। भाजपा उम्मीदवार सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस के उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी को 30,630 मतों से हराया।

कैसे रहे परिणाम

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मतगणना के सभी 20 दौर पूरे होने के बाद पटेल को 55,481 मत मिले,जबकि रबारी को 24,851 मत प्राप्त हुए। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में केवल यही दो उम्मीदवार मैदान में थे। सनद रहे कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर 1,00,754 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार पार्टी की जीत का अंतर उससे कम रहा।

जीत के बाद क्या बोले सतीश गोविंदभाई पटेल

उपचुनाव में जीत के बाद मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए वडोदरा नगर निगम के पूर्व पार्षद सतीश गोविंदभाई पटेल ने कहा कि लोगों ने एक बार फिर भाजपा में अपना विश्वास जताया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मांजलपुर को भारतीय जनता पार्टी का गढ़ बनाए रखने के लिए मैं दिल से सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं। विधायक के रूप में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता, विशेषकर जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहता है और वह इस कार्य को आगे बढ़ाएंगे।

कांग्रेस प्रत्याशी बोले- सरकारी मशीनरी का हो रहा दुरुपयोग

दूसरी ओर कांग्रेस के उम्मीदवार,गुजरात इकाई के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी ने अपनी हार के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया पूरी सरकारी मशीनरी, यहां तक कि मंत्रियों को भी मेरे खिलाफ लगाया गया। चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन हुआ और मुझे हराने के लिए हरसंभव तरीका अपनाया गया। जिस तरह से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ,उससे मैं बेहद दुखी हूं। रबारी ने दावा किया कि चुनाव समान अवसर वाले माहौल में नहीं लड़ा गया।

गौरतलब है कि 30 जुलाई को हुए इस उपचुनाव में 37.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। पंजीकृत 2.19 लाख मतदाताओं में से लगभग 82 हजार मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह उपचुनाव भाजपा विधायक एवं गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण आवश्यक हो गया था। योगेश पटेल का लंबी बीमारी के कारण दो जून को निधन हो गया था। इस जीत के साथ 182-सदस्यीय गुजरात विधानसभा में भाजपा की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। कांग्रेस के 12 विधायक हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के पांच, दो निर्दलीय और समाजवादी पार्टी का एक विधायक है।

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