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गुजरात में भूपेंद्र पटेल की 'ताजपोशी': 16 MLAs ने ली मंत्री पद की शपथ; समझें- लगातार दूसरे कार्यकाल में क्या होगी चुनौती?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 12, 2022, 03:13 PM IST

Bhupendra Patel's Oath Ceremony: गांधीनगर के हेलीपैड मैदान में समारोह के दौरान सीएम भूपेंद्र पटेल के अलावा कुल 16 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें आठ कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि आठ राज्य मंत्री हैं।

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गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए भूपेंद्र पटेल।

Photo : ANI

Bhupendra Patel's Oath Ceremony: गुजरात में बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के सीनियर नेता भूपेंद्र पटेल एक बार फिर से सूबे के सीएम बन गए। सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में उन्होंने इस पद (18वें मुख्यमंत्री के तौर पर) की शपथ ली। गांधीनगर में नए सचिवालय के पास हेलीपैड ग्राउंड में हुए कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

पटेल के अलावा 16 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें आठ कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि आठ राज्य मंत्री हैं। बताया गया कि समय के अभाव के चलते चार से पांच विधायकों के ग्रुप में मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान सीएम से लेकर विधायकों ने गुजराती भाषा में शपथ ली।

किसने-किसने ली मंत्री पद की शपथ?

कनू भाई देसाई, ऋषिकेश पटेल, राघवजी पटेल, बलवंत सिंह राजपूत, कुंवरजी बावलिया, मुलु भाई बेरा, भानुबेन बाबरिया, डॉ.कुबेर डिंडोर, हर्ष सांघवी, जगदीश विश्वकार्मा, परसोत्तमभाई ओधवजीभाई सोलंकी, बच्चूभाई खाबाद, मुकेश पटेल, प्रफुल्ल पंशेरिया, भीखूसिंह परमार और कुंवरजी हलपति।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पटेल का यह लगातार दूसरा कार्यकाल है। दरअसल, हाल में हुए राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से रिकॉर्ड 156 सीट जीती थीं। यह गुजरात के विधानसभा चुनावों में भाजपा की लगातार सातवीं जीत है। कांग्रेस को 17 और ‘आप’ को पांच सीट पर जीत मिली।

पटेल (60) ने इससे पहले पूरे मंत्रिमंडल के साथ शु्क्रवार को इस्तीफा दे दिया था, ताकि राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सके। शनिवार को उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात करके अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। पटेल ने घाटलोडिया सीट पर 1.92 लाख मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को मात दी। पिछले साल सितंबर में विजय रूपाणी के इस्तीफे के बाद राज्य की कमान पटेल को मिली थी।

चूंकि, बीजेपी ने गुजरात में जबरदस्त जीत के बाद लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल किया है। ऐसे में पार्टी से लोगों को बड़ी उम्मीदें और आशाएं हैं। सियासी जानकारों की मानें तो यही समर्थन ही सबसे जिम्मेदारी है और चुनौती भी। सूबे में प्रचंड बहुमत के साथ टिके रहना और काम के साथ वादे पूरे करना भूपेंद्र सरकार के लिए बड़ा चैलेंज रहेगा। सीधे तौर पर देखा जाए तो यह जिम्मेदारी सीएम के कंधों पर है। उन पर इस दौरान दबाव भी रहेगा।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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