देश

गुजरात में BJP-कांग्रेस के बीच होती रही है सियासी लड़ाई, इस बार मुकाबले में AAP भी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 14, 2022, 01:19 PM IST

Gujarat Assembly Elections : कांग्रेस की अगर बात करें तो राज्य में पार्टी की हालत पहले से कमजोर हुई है। 2017 विस के चुनाव में कांग्रेस ने यहां 77 सीटें जीती थीं। इस चुनाव में कांगेस पार्टी स्थिति मजबूत रही लेकिन वह भाजपा को सत्ता से दूर करने में असफल हुई।

Image

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022।

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 99 सीटों पर जीत मिली थी
कांग्रेस ने भाजपा को टक्कर दी और वह 77 सीटें जीत पाई
इस बार आम आदमी पार्टी भी अपनी चुनावी किस्मत आजमा रही है

Gujarat Assembly Elections : गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। चुनावी अखाड़े में उतरने के लिए सभी राजनीतिक दल तैयार हैं। राज्य में इस बार त्रिकोणीय लड़ाई की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्य मुकाबला भरातीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress) और तीसरी ताकत के रूप में उभरी आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच माना जा रहा है। राज्य में भाजपा बीते 1995 से लगातार सत्ता में है। बाद के विधानसभा चुनाव में उसकी टक्कर कांग्रेस से हुई लेकिन देश की सबसे पुरानी पार्टी भगवा पार्टी को सत्ता से बाहर नहीं कर पाई। 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी ने यहां अपना चुनावी किस्मत आजमाया लेकिन उसे भारी हार का सामना करना पड़ा।

केजरीवाल ने लगातार राज्य का दौरा किया है

पिछले निकाय चुनाव में आप का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके बाद केजरीवाल की पार्टी को राज्य में अपनी संभावनाएं दिखीं। बीते कुछ महीनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य का लगातार दौर कर अपनी पार्टी के लिए सियासी जमीन तैयार की है। AAP इस चुनाव में पूरे दमखम से उतर रही है। केजरीवाल राज्य में बदलाव की मांग कर रहे हैं। आप के नेताओं ने राज्य में मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का वादा किया है। केजरीवाल के वादे पर गुजरात की जनता कितना भरोसा करती है, इसका पता तो चुनाव नतीजों से चलेगा लेकिन अभी इतना तो साफ नजर आ रहा है कि इस बार दिल्ली की पार्टी को नजरंदाज नहीं किया जा सकता।

2017 के विस चुनाव में कांग्रेस ने जीतीं 77 सीटें

कांग्रेस की अगर बात करें तो राज्य में पार्टी की हालत पहले से कमजोर हुई है। 2017 विस के चुनाव में कांग्रेस ने यहां 77 सीटें जीती थीं। इस चुनाव में कांगेस पार्टी स्थिति मजबूत रही लेकिन वह भाजपा को सत्ता से दूर करने में असफल हुई। राजनीति के जानकार मानते हैं कि इसके बाद कांग्रेस कमजोर हुई है। उसके कई स्थानीय नेता भाजपा सहित आप में शामिल हुए हैं। गुजरात में समाज और जाति के नाम पर राजनीति में एंट्री करने वाले दो युवा नेता अल्पेश ठाकोर और हार्दिक पटेल भाजपा के साथ जा चुके हैं। इनके जाने से कांग्रेस कमजोर हुई है। खुद राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' पर हैं। इस यात्रा की वजह से कांग्रेस अपना पूरा ध्यान गुजरात पर नहीं दे पा रही है। हालांकि, माना जा रहा है कि राज्य की ज्यादातर सीटों पर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रस के बीच होगा।

राज्य में सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत

गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत होती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 99 सीटों पर और कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाई। गुजरात में आम आदमी पार्टी की सक्रियता को देखते हुए भाजपा सजग हो गई है। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य का दौरा किया है और विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। केजरीवाल ने वादा किया है कि उनकी सरकार बनने पर 15 लाख युवाओं को नौकरी, मुफ्त में बिजली और बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article