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Cough Syrup Exports: निर्यात से पहले अब जांचे-परखे जाएंगे भारतीय कफ सीरप, 1 जून से नया नियम लागू

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 23, 2023, 12:37 PM IST

Cough Syrup Export : विदेश व्यापार के महानिदेशक (DGFT) की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया, 'नमूनों की जांच के बाद और उत्पाद पर विश्लेषण वाली सरकारी प्रयोगशालाओं के प्रमाणपत्र के बाद ही विदेश भेजे जाने वाले कफ सीरप को निर्यात करने की इजाजत दी जाएगी।'

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विदेश भेजे जाने से पहले कफ सीरप की होगी जांच।

Photo : BCCL

Cough Syrup Export : विदेश भेजे जाने वाले कफ सीरप पर सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। निर्यात होने वाले कफ सीरप को एक जून से सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच से गुजरना होगा। जांच के बाद ही इन्हें निर्यात करने की इजाजत होगी। खास बात यह है कि सरकार द्वारा तय प्रयोगशालाओं में ही कफ सीरप को जांच के लिए भेजना होगा। बता दें कि कई देशों में भारतीय कफ सीरप की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बााद सरकार ने यह निर्णय लिया है। पिछले दिनों दो देशों में हुई बच्चों की मौत को भारत में निर्मित कफ सीरप से जोड़ा गया। इसके बाद सरकार ने एहतियाती कदम उठाया है।

प्रमाणपत्र देंगी सरकारी प्रयोगशालाएं

विदेश व्यापार के महानिदेशक (DGFT) की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया, 'नमूनों की जांच के बाद और उत्पाद पर विश्लेषण वाली सरकारी प्रयोगशालाओं के प्रमाणपत्र के बाद ही विदेश भेजे जाने वाले कफ सीरप को निर्यात करने की इजाजत दी जाएगी।' कफ सीरप के सैंपल की जांच जिन सरकारी प्रयोगशालाओं में होगी सरकार ने उनके नाम बताए हैं।

इन लैब्स में हो सकेगी जांच

इनमें इंडियन फार्मासोपोइया कमीशन, रीजनल ड्रग टेस्टिंग लैब (RDTL, चंडीगढ़), सेंट्रल ड्रग्स लैब (CDL-कोलकाता), सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब (CDTL-चेन्नई हैदराबाद, मुंबई), आरडीटीएल (गुवाहाटी) और नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिबरेशन लेबोरेट्रीज (NABL) शामिल हैं।

जांच के बाद ही निर्यात की होगी इजाजत

नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि भारत से निर्यात होने वाले फॉर्मास्युटिकल उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सककार ने कफ सीरप की गुणवत्ता जांचने के लिए एक प्रक्रिया की शुरुआत करने का फैसला लिया है। इसमें कफ सीरप के निर्माण में इस्तेमाल तत्वों की जांच की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि तैयार कफ सीरप की जांच इन प्रयोगशालाओं में की जाएगी और इसके बाद ही इन्हें निर्यात करने की अनुमति मिलेगी।

गांबिया में बच्चों की मौत को भारतीय सीरप से जोड़ा गया

बता दें कि कुछ महीने पहले गांबिया में 66 और उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत को कथित रूप भारत में निर्मित कफ सीरप से जोड़ा गया। वहीं, गत फरवरी में तमिलनाडु स्थित ग्लोबल फॉर्मा हेल्थकेयर ने अपने आइ ड्राप की पूरी खेप को वापस मंगा लिया। भारत से बड़े पैमाने पर कफ सीरप का निर्यात होता है। साल 2022-23 में 17.6 अरब डॉलर और साल 2021-22 में 17 अरब डॉलर मूल्य के कफ सीरप बाहर भेजे गए।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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