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खुशखबरी! ट्रेनों में बदबूदार ब्लैंकेट-चादर से मिलेगा अब छुटकारा, रेलवे उठाने जा रही यह बड़ा कदम

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 6, 2023, 11:57 AM IST

New Blanket-Bedsheet In Trains : खास बात यह है कि रेलवे ने अपनी इस नई व्यवस्था के लिए 100 से अधिक नामी कपड़ा बनाने वाली कंपनियों से सैंपल मंगाए थे। ये कंपनियां फाइव स्टार एवं थ्री स्टार होटलों में ब्लैंकेट, बेडशीट, टॉवल, पिलो कवर और हैंकी की आपूर्ति करती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों के सैंपल को मंजूरी मिल गई है।

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अक्टूबर महीने के अंत में होगी इस सुविधा की शुरुआत।

New Blanket-Bedsheet In Trains : ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की हमेशा शिकायत रहती है कि एसी में सफर के दौरान उन्हें गंदे कंबल, बेडशीट, तकिए और तौलिए दिए जाते हैं। यह एक ऐसी समस्या रही है जिसका भारतीय रेलवे लंबे समय तक समाधान नहीं ढूंढ पाया लेकिन भारतीय रेलवे इस व्यवस्था में अब व्यापक बदलाव करने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। उसके इस कदम से अब यात्रियों को बदबूदार कंबल, चादर, तकिया और तौलिए से छुटकारा मिल जाएगा।

सबसे पहले उत्तर रेलवे की ट्रेनों में शुरुआत

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इस सुविधा की सबसे पहले शुरुआत उत्तर रेलवे में होने जा रही है। रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि उत्तर रेलवे की ट्रेनों में इस महीने के अंत से यात्रियों को अच्छी क्वालिटी के ब्लैंकेट, बेडशीट, तौलिया और तकिए मिलने लगेंगे। ट्रेनों में मिलने वाली इन सामग्रियों में बदलाव के लिए चार अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई थी जिसने अपने सुझाव दे दिए हैं।

पहले उत्तर रेलवे की 750 ट्रेनों में यह सुविधा

खास बात यह है कि रेलवे ने अपनी इस नई व्यवस्था के लिए 100 से अधिक नामी कपड़ा बनाने वाली कंपनियों से सैंपल मंगाए थे। ये कंपनियां फाइव स्टार एवं थ्री स्टार होटलों में ब्लैंकेट, बेडशीट, टॉवल, पिलो कवर और हैंकी की आपूर्ति करती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों के सैंपल को मंजूरी मिल गई है। अधिकारी ने बताया कि रेलवे की इस योजना को सबसे पहले उत्तर रेलवे की 750 ट्रेनों में लागू किया जाएगा और इससे करीब 11 लाख यात्री सुखद यात्रा का अनुभव करेंगे।

कोरोना संकट के दौरान नहीं मिलते थे ब्लैंकेट-बेडशीट

कोरोना संकट के दौरान रेलवे ने मार्च 2020 से एसी ट्रेनों में ब्लैंकेट, बेडशीट और टॉवल देना बंद कर दिया था। यह सुविधा करीब दो साल तक बंद रही। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद यात्री बेडशीट और कंबल की मांग करने लगे। हालांकि, कोविड संकट के दौरान रेलवे ट्रेनों में डिस्पोजल बेडरॉल किट उपलब्ध करा रहा था लेकिन इसके लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना पड़ता था। बाद में इसे भी बंद कर दिया गया।

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