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ऋषिकेश में गंगा का रौद्र रूप, बारिश के रेड अलर्ट के बाद रोकी गई चारधाम यात्रा; देखें कैसा है हाल

Uttarakhand Weather: ऋषिकेश में गंगा नदी का रौद्र अवतार दिख रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी लोग स्नान करते दिखे। वहीं मौसम विभाग ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया तो, चारधाम यात्रा रोक दी गई है। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि ऋषिकेश से आगे चारधाम यात्रा के लिए रवाना न हों।

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उफान पर गंगा नदी।

Photo : Times Now Digital

Rishikesh News: देशभर के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुसीबतों में इजाफा कर दिया है। जहां उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है, तो वहीं भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। ऋषिकेश में गंगा नदी का रौद्र अवतार देखा जा सकता है।

जलस्तर बढ़ने के बाद भी स्नान करते दिखे लोग

बारिश का रेड अलर्ट, खतरे से खाली नहीं चारधाम यात्रा

उत्तराखंड मौसम विभाग ने पहाड़ों में रविवार को बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया है। जिसके चलते राज्य सरकार ने आज की यात्रा स्थगित करती है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है है, जिसको लेकर सरकार यात्रों को सुरक्षित बनाने के लिए आश्वस्त दिखाई दे रही है। लगातार सरकार कोशिश कर रही है कि यात्रा करने से यात्री बचें। वहीं मौसम युद्ध वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय चारधाम यात्रा करना खतरे से खाली नहीं। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने 24 घंटे के लिए यात्रा को बंद कर दिया है।

भारी बारिश की चेतावनी के कारण चारधाम यात्रा रोकी गई

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में सात और आठ जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने संबंधी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर चारधाम यात्रा रविवार को अस्थायी रूप से रोक दी गई। गढ़वाल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने गढ़वाल मंडल में सात और आठ जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, इसके मद्देनजर सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया जाता है कि वे सात जुलाई को ऋषिकेश से आगे चारधाम यात्रा के लिए रवाना न हों।

पहाड़ी इलाकों में हो रहा भूस्खलन, जानें कहां कैसी स्थिति

उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर निकल चुके हैं उन्हें मौसम ठीक होने तक उसी स्थान पर रुकना चाहिए जहां वे अभी हैं। पिछले कुछ दिन से उत्तराखंड के विभिन्न भागों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है तथा बद्रीनाथ जाने वाला राजमार्ग कई स्थानों पर पहाड़ी से नीचे गिर रहे मलबे के कारण अवरुद्ध हो गया है।

चमोली जिले में शनिवार को भूस्खलन के बाद पहाड़ी से गिर रही चट्टानों की चपेट में आने से हैदराबाद के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। दोनों मोटरसाइकिल से बद्रीनाथ से लौट रहे थे। उत्तराखंड में नदियां भी उफान पर हैं। जोशीमठ के पास विष्णु प्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है, अलकनंदा विष्णु प्रयाग में धौली गंगा में मिल जाती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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