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Video: 'गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे केंद्र सरकार...'; पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने क्यों की यह मांग?

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के मामले में जमीयत प्रमुख का समर्थन किया; मुसलमानों से ईद पर गोहत्या से बचने की अपील की

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भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सोमवार को मुसलमानों से अपील की कि वे ईद-उल-अज़हा के दौरान गायों की हत्या न करें और केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के सुझाव पर ध्यान दे और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे। अंसारी ने कहा कि धर्म में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि गाय की ही हत्या की जानी चाहिए, और जोर देकर कहा कि ऐसी किसी भी चीज से बचना चाहिए जिससे साथी नागरिकों को कष्ट पहुंचे।

अंसारी ने कहा कि धर्म में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि गाय की बलि दी जानी चाहिए, और जोर देकर कहा कि ऐसी किसी भी चीज से बचना चाहिए जिससे साथी नागरिकों को कष्ट पहुंचे। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग जानवर की बलि देने की प्रथा का पालन करते हैं, क्योंकि यह धर्म के आदेशों के अनुरूप है।

'अब, चाहे वह गाय हो, ऊंट हो या बकरी, यह तो बस एक छोटी सी बात है। अगर लोगों को गाय के काटे जाने पर कोई आपत्ति है, तो हमें कोई न कोई रास्ता निकालना ही होगा,' अंसारी ने कहा।

'कहीं भी यह नहीं लिखा है कि आपको गाय की ही बलि देनी होगी; आप बकरी की भी बलि दे सकते हैं। इसका समाधान निकालना भारत सरकार का काम है। यह एक अच्छा सुझाव है जो दिया गया है। मैं चाहता हूं कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए। 'मौलाना अरशद मदनी हमारे सामाजिक जीवन की एक गंभीर हस्ती हैं, और उन्होंने एक प्रस्ताव रखा है जिस पर विचार किया जाना चाहिए,' अंसारी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मदनी की मांग पर कहा।

'कुर्बानी का मतलब सिर्फ गाय की कुर्बानी देना ही नहीं है'

मदनी का समर्थन करते हुए अंसारी ने कहा, 'मैंने मौलाना अरशद मदनी का बयान देखा। अगर इससे (गाय की कुर्बानी से) बचा जा सकता है, तो इससे बचना चाहिए। कुर्बानी का मतलब सिर्फ गाय की कुर्बानी देना ही नहीं है। आप ऊंट की भी कुर्बानी दे सकते हैं। आप बकरी की भी कुर्बानी दे सकते हैं।'

'यह एक सुझाव है सरकार को इस पर विचार करना चाहिए'

उन्होंने पूछा, 'अगर कोई ऐसी चीज है जिससे साथी नागरिकों को तकलीफ़ पहुंचती है, और अगर उससे बचा जा सकता है, तो उससे क्यों नहीं बचना चाहिए?' 'जिस तरह हमारा एक राष्ट्रीय पक्षी (मोर) है, उसी तरह गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। इसे राष्ट्रीय पशु बनाने में कोई दिक्कत नहीं है," उन्होंने कहा। अंसारी ने आगे कहा, 'यह एक सुझाव है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।'

पशु व्यापारियों और उन्हें ले जाने वालों पर कुछ उपद्रवी तत्वों के हमलों के बारे में पूछे जाने पर अंसारी ने कहा, 'मैं संविधान को मानने वाला व्यक्ति हूं। मुझे पता है कि एक संविधान है। उस संविधान में जो कुछ भी लिखा है, उसे लागू किया जाना चाहिए। और जो कुछ भी उसके खिलाफ जाता है, उससे बचना चाहिए।'

'त्योहारों की वजह से कोई टकराव या हिंसा न हो'

राष्ट्रीय एकता और धार्मिक त्योहारों के मिल-जुलकर मनाए जाने की अपील करते हुए अंसारी ने कहा, 'भारत में कई त्योहार हैं। यहां होली है, यहाँ दिवाली है। नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि त्योहारों की वजह से कोई टकराव या हिंसा न हो।'अंसारी की यह बात मदनी के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इससे कोई एतराज़ नहीं होगा; बल्कि, उन्हें खुशी होगी कि गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग खत्म हो जाएगी।

'तो ऐसी कौन सी राजनीतिक मजबूरी है...'

मदनी ने यह सवाल भी उठाया कि जब देश का बहुसंख्यक वर्ग गाय को न केवल पवित्र मानता है, बल्कि उसे मां का दर्जा भी देता है, तो ऐसी कौन सी राजनीतिक मजबूरी है जो सरकार को उसे 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने से रोक रही है? भारत में ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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