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मुंबई के मीरा रोड की पॉश सोसाइटी में बकरे पर फिर बवाल; परिसर में एंट्री बैन, पुलिस चौकी बनाकर गाड़ियां चेक करने पर हंगामा

मुंबई के मीरा रोड की पॉश सोसाइटी 'जेपी नॉर्थ गार्डन सिटी' में बकरीद से पहले बकरे को लाने पर विवाद छिड़ गया है। 2023 के बवाल को देखते हुए सोसाइटी ने बकरे की एंट्री बैन की है, वहीं परिसर में पुलिस चौकी बनाकर गाड़ियों की चेकिंग करने पर मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाए हैं।

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सोसाइटी में बकरीद से पहले बढ़ा तनाव (सांकेतिक चित्र)

Mira Road Goat Controversy: बकरीद का त्योहार नजदीक आते ही मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके की एक हाईप्रोफाइल रिहायशी सोसाइटी में बकरे को लाने और रखने को लेकर विवाद गहरा गया है। मामला मीरा रोड स्थित 'जेपी नॉर्थ गार्डन सिटी कॉम्प्लेक्स' का है। इस कॉम्प्लेक्स में करीब 5,000 फ्लैट्स हैं, जिनमें लगभग 400 मुस्लिम परिवार रहते हैं। आगामी त्योहार को देखते हुए सोसाइटी परिसर में बकरे की एंट्री को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।

क्या है विवाद और साल 2023 का कनेक्शन?

दरअसल, जेपी नॉर्थ गार्डन सिटी वही सोसाइटी है, जहां साल 2023 में बकरीद के दौरान एक शख्स के बकरे को लिफ्ट में ले जाने का CCTV फुटेज वायरल हुआ था। उस वक्त सोसाइटी में भारी बवाल मचा था और पुलिस को कानून-व्यवस्था काबू में करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। उसी कड़वे अनुभव से सबक लेते हुए सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी ने हाल ही में एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत सोसाइटी कंपाउंड के भीतर बकरे को लाने, बांधने या रखने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशानुसार फ्लैट के भीतर बकरे की कुर्बानी देने पर पहले से ही प्रतिबंध है, और इस नियम पर सोसाइटी के किसी भी पक्ष को कोई आपत्ति नहीं है।

सोसाइटी में बनी पुलिस चौकी, गाड़ियों की चेकिंग पर उठे सवाल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और किसी भी संभावित सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए मिरा भयंदर पुलिस ने इस बार पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने बाकायदा सोसाइटी परिसर के अंदर ही एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर दी है और वहां चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। सोसाइटी के मुख्य गेट पर आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है, जिसे लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम परिवारों का आरोप है कि गेट पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल मुस्लिम समाज के लोगों की गाड़ियों को टारगेट करके चेक किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि वे सोसाइटी के भीतर बकरे की कुर्बानी नहीं देना चाहते, बल्कि सिर्फ त्योहार के लिए बकरा लाना चाहते हैं। वहीं, हिंदू पक्ष और मैनेजिंग कमेटी के सदस्यों का कहना है कि गेट पर बिना किसी भेदभाव के लगभग सभी गाड़ियों की समान रूप से चेकिंग की जा रही है। उनका तर्क है कि यदि मैनेजिंग कमेटी ने पूरी सोसाइटी की शांति और सुरक्षा के लिए कोई सर्वसम्मत फैसला लिया है, तो वह नियम सभी निवासियों पर समान रूप से लागू होता है।

बकरीद नजदीक आते ही बढ़ सकती है प्रशासनिक चुनौती

फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है। लेकिन बकरे को लाने और रखने को लेकर छिड़ा यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे बकरीद की तारीख नजदीक आएगी, यह गतिरोध और बढ़ सकता है। मिरा भयंदर पुलिस कमिश्नरेट स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि साल 2023 जैसी किसी भी अप्रिय घटना फिर न हो।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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