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New Parliament Building: ऐसी है अपनी नई संसद, पेपरलेस होने के साथ हाईटेक सुविधाओं से लैस

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Sep 19, 2023, 11:14 AM IST

Features Of New Parliament Building: नए संसद भवन में अहम कामकाज के लिए अलग ऑफिस बनाए गए हैं। ये कार्यालय हाईटेक सुविधाओं से लैस हैं। कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के तमाम कमरों में भी हाईटेक उपकरण लगाए गए हैं। कुल मिलाकर संसद की यह नई इमारत शानदार, भव्य एवं 140 करोड़ देशवासियों के आकांक्षाओं को आकार देने वाली है।

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नए संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

Photo : PTI

Features Of New Parliament Building: गणेश चतुर्दी के दिन सांसद अपने नए 'घर' में प्रवेश कर रहे हैं। इस नई संसद से अब देश की दशा और दिशा तय होगी और सपने साकार होंगे। संसद की नई इमारत खास है। यह भारतीय संस्कृति, कला एवं परंपराओं का आधुनिकता के साथ अद्भुत सम्मिश्रण है। नई इमारत को भविष्य की जरूरतों एवं सुरक्षा की लिहाज से तैयार किया गया है। नए संसद भवन के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है। नए संसद भवन में अहम कामकाज के लिए अलग ऑफिस बनाए गए हैं। ये कार्यालय हाईटेक सुविधाओं से लैस हैं। कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के तमाम कमरों में भी हाईटेक उपकरण लगाए गए हैं। कुल मिलाकर संसद की यह नई इमारत शानदार, भव्य एवं 140 करोड़ देशवासियों के आकांक्षाओं को आकार देने वाली है। संसद की नई इमारत की खासियतें कुछ इस प्रकार हैं-

  • आजादी के बाद हम अंग्रेजों द्वारा बनाई गई इमारत का इस्तेमाल कर रहे थे।
  • यह मेड इन इंडिया संसद भवन है
  • नया संसद भवन पुराने संसद भवन से कई मायनों में अलग है
  • नया संसद भवन साढे 64,500 वर्गमीटर के दायरे में त्रिभुजाकार आकार में बना है।
  • नई लोकसभा में 888 सांसद, नई राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है।
  • नई संसद के दोनों सदनों में अब कुल 1272 सांसद बैठ सकेंगे।
  • नई संसद के सेंट्रल हाल में 1272 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
  • 2026 में लोकसभा सीटों के लिए परिसीमन होना है।
  • लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 800 तक जा सकती हैं।
  • नए संसद भवन पर खर्च 950 करोड़ रुपए खर्च हुए
  • पुरानी संसद से यह 17000 वर्ग मीटर बड़ा है।
  • हर कामकाज के लिए अलग कमरे, हाईटेक सुविधाओं से लैस दफ्तर
  • पूरी तरह भूकंपरोधी, कॉमन रूम्स हैं, महिलाओं के लिए लाउंज, वीआईपी लाउंज
  • नए संसद भवन में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है।
  • 1971 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन पर आधारित लोकसभा सीटों की संख्या 545 बनी हुई है
  • नए संसद भवन को 150 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है
  • भवन के तीन मुख्य द्वार हैं- ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार
  • इसमें वीआईपी, सांसदों और आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं
  • नया संसद भवन दिव्यांगों के अनुकूल होगा
  • मंत्रिपरिषद के इस्तेमाल के लिए करीब 92 कमरे होंगे
  • नए संसद भवन के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है
  • नई संसद में महाराष्ट्र से लकड़ी, राजस्थान का संगमरमर, त्रिपुरा के बांस, मिर्जापुर कालीन लगे हैं
  • सदस्यों के लिए बॉयोमीट्रिक, विशाल मल्टी मीडिया डिस्प्ले
  • ऑटोमेटिक कैमरा कंट्रोल और कमान सेंटर का निर्माण, पूरी तरह से पेपरलेस
  • हॉल के बीच में संविधान कक्ष, यहां संविधान की डिजिटल प्रतिलिपि रखी गई है
  • 1700 से अधिक दरवाजे खिड़किया हैं
संसद की नई इमारत को ‘भारत का संसद भवन’ नाम दिया गया है। सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘लोकसभा अध्यक्ष को यह सूचित करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि नई दिल्ली स्थित भूखंड संख्या 118 में संसद भवन की परिसीमा में एवं मौजूदा संसद भवन के पूर्व में स्थित संसद की नई इमारत, जिसके दक्षिण में रायसीना रोड और उत्तर में रेड क्रॉस रोड है, उसे ‘भारत का संसद भवन’ नाम दिया गया है।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी दलों के सांसदों ने सोमवार को पुराने संसद भवन को विदाई दी। मंगलवार से संसद की कार्यवाही नयी इमारत में स्थानांतरित होगी।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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