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किसान आंदोलन: डल्लेवाल की भूख हड़ताल 35वें दिन भी जारी, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को दिया समय; 2 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

किसान आंदोलन: पिछले 35 दिन से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच में आज सुनवाई हुई। आज की सुनवाई के दौरान पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी भी वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को अगली सुनवाई में भी वर्चुअली मौजूद रहने निर्देश दिया।

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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की मांग पर सरकार को दिया समय

Photo : ANI

किसान आंदोलन: उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 35 दिनों से अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराने संबंधी उसके आदेश पर पंजाब सरकार द्वारा अनुपालन करने के मामले में मंगलवार को सुनवाई दो जनवरी तक टाल दी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अवकाशकालीन पीठ ने मामले में अगली सुनवाई के लिए दो जनवरी की तारीख तय की। इससे पहले पंजाब सरकार की ओर से महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि अदालत के 20 दिसंबर के आदेश के अनुपालन के लिए तीन दिन का और समय मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया गया है। सिंह ने कहा कि वार्ताकारों की एक टीम प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत कर रही है और डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर के पंजाब की तरफ स्थित निकटवर्ती अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डल्लेवाल 26 नवंबर से खनौरी बॉर्डर पर कर रहे है आमरण अनशन

पीठ ने कहा कि वह प्रदर्शनकारी किसानों के साथ हुई चर्चा पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती और केवल अपने पूर्व आदेशों का अनुपालन चाहती है। पीठ ने सिंह की दलीलें दर्ज कीं और मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। इससे पहले 28 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने डल्लेवाल को अस्पताल नहीं भेजने के कारण पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही उसने 70 वर्षीय किसान नेता को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में बाधा डालने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों की मंशा पर भी संदेह जताया था। केंद्र पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए डल्लेवाल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर हैं। सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली कूच से रोके जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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