Falta election result 2026: पश्चिम बंगाल की बहुचर्चित विधानसभा सीट फालता से भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने 109021 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। फालता सीट पर विजयी भाजपा उम्मीदवार पांडा को 149666 वोट मिले। इस सीट पर 21 मई को दोबारा चुनाव हुआ था।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मदीवार देबांग्शु पांडा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच था, लेकिन 21 मई से ठीक पहले खान मैदान से हट गए थे, जिसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उनका निजी फैसला बताया था। हालांकि, उस समय नामांकन वापस लेना संभव नहीं था, इसलिए उनका नाम ईवीएम में बना रहा।
किसे मिले कितने वोट
पुनर्मतदान में पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
जहांगीर खान को मिले मात्र 7,783
कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में खान को महज 7,783 वोट मिले। टीएमसी का 2011 से लगातार इस सीट पर कब्जा था और 2021 में इसने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी।
भाजपा की हुईं 208 सीटें
इस जीत के साथ, निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में राज्य विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। हालांकि, प्रभावी विधानसभा संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली करके भवानीपुर सीट बरकरार रखी है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु ने किया फालता की जनता को नमन
इस जीत के बाद मुख्यमंत्री ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को ’भारी जनादेश’ देने के लिए वह ’फाल्टा की जनता को नमन’ करते हैं। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने एक लाख वोट के अंतर से जीत दिलाने की अपील की थी, लेकिन लोगों ने इस लक्ष्य से अधिक वोट से विजय दिला दी।
'विकास के माध्यम से कर्ज चुकाने' और एक ’सुनहरा फाल्टा’ बनाने का वादा करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान पार्टी एक ’’माफिया कंपनी’’ में बदल गई, जिसने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया, जनता का धन लूटा और गिरोहों तथा धमकियों की संस्कृति को बढ़ावा दिया।
अधिकारी ने एक ’’धोखेबाज’’ का भी जिक्र किया, जिसने ’’कमांडर का पद’’ हासिल कर लिया था। इसे टीएमसी महासचिव और डायमंड हार्बर सीट से सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर स्पष्ट इशारा माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने भी दी बधाई
पीएम मोदी ने भी फालता में जीत पर देग्बांशु पांडा को बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'फालता की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की जीत हुई है और डराने-धमकाने की राजनीति हार गई है। फालता से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने पर श्री देग्बांशु पांडा जी को हार्दिक बधाई। यह पश्चिम बंगाल की जनता के भारतीय जनता पार्टी के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। लोग राज्य सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देख रहे हैं और इसी कारण उन्होंने हमें आगे भी आशीर्वाद देने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल भर के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके शानदार प्रयासों के लिए मेरी ओर से बधाई। हम आने वाले समय में भी पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।'
जीत के बाद क्या बोले देबांग्शु
वहीं, अपनी जीत के बाद भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने कहा कि यह फाल्टा की जनता की जीत है। भारतीय जनता पार्टी जीती। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में काफी भय था,इसलिए कुछ समस्याएं भी आईं,लेकिन फिर सब कुछ ठीक हो गया।
क्यों हुआ पुनर्मतदान?
यहां पुनर्मतदान 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुआ, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं। जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने फाल्टा में पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
