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'देश में EVM पूरी तरह सुरक्षित, उनमें कोई छेड़छाड़ नहीं...' CEC ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के दावों का किया खंडन

ईवीएम मशीनों में भारी खामियों के सबूत मिलने के दावों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वेंडिंग मशीनें (EVM) पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा रही है।

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EVM पूरी तरह सुरक्षित- ज्ञानेश कुमार

Photo : ANI

EVM: अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के ईवीएम मशीनों में भारी खामियों के सबूत मिलने के दावों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वेंडिंग मशीनें (EVM) पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। सीईसी ने कहा कि जहां भी लोकतंत्र मौजूद है, वहां मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया अलग-अलग हैं और कुछ देशों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। कुमार ने कहा कि भारत में पीएसयू द्वारा बनाई गई ईवीएम का इस्तेमाल किया गया और इन मशीनों पर कानूनी जांच की गई है और भारत की ईवीएम को ब्लूटूथ इंफ्रारेड से नहीं जोड़ा जा सकता है, इसलिए उनके साथ छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। सीईसी ने कहा कि भारत की ईवीएम छेड़छाड़-प्रूफ हैं, पांच करोड़ वीवीपैट पर्चियों की गिनती की गई है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने आगे कहा कि हम भारत के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी उठाया था EVM का मुद्दा

इससे पहले 11 अप्रैल को कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की कमज़ोरी पर अमेरिकी राजनीतिज्ञ तुलसी गबार्ड की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया न देने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्र सरकार से सवाल किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेने का भी आग्रह किया। एक्स पर निशाना साधते हुए सुरजेवाला ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने सार्वजनिक रूप से ईवीएम हैकिंग का मुद्दा उठाया था। उन्होंने गबार्ड के हवाले से कहा कि ईवीएम मतदान के नतीजों में हेरफेर करने के लिए शोषण के लिए असुरक्षित हैं। कई सवाल उठाते हुए, सुरजेवाला ने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग का आधिकारिक हैंडल इस मामले पर चुप क्यों है और चुनाव निकाय पर गबार्ड के बयान का मुकाबला करने के लिए स्रोत-आधारित कहानियां गढ़ने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री, एनडीए सरकार और भाजपा की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री, एनडीए सरकार और भाजपा चुप क्यों हैं? उन्होंने पूछा कि क्या ईसीआई और मोदी सरकार को ईवीएम की हैकिंग और अन्य कमजोरियों के बारे में सभी विवरण एकत्र करने और ईवीएम की इन खामियों के साथ-साथ हमारे ईवीएम का परीक्षण करने के लिए अमेरिकी सरकार और गबार्ड से संपर्क नहीं करना चाहिए?

सुरजेवाला ने सर्वोच्च न्यायालय से मामले का स्वतः संज्ञान लेने का किया था आग्रह

17 मार्च को भारत में गबार्ड के हालिया सम्मान का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि एक महीने से भी कम समय पहले उन्हें देश में सम्मानित किया गया था। उन्होंने पूछा कि क्या यह उचित और न्यायसंगत है कि हम अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक द्वारा दिए गए बयान को पूरी तरह से खारिज कर दें, जिन्हें हमने सम्मानित किया? कांग्रेस नेता ने आगे पूछा कि क्या यह उचित और न्यायसंगत है कि हम अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक द्वारा दिए गए बयान को पूरी तरह से खारिज कर दें, जिन्हें हमने 17 मार्च को सम्मानित किया था, यानी एक महीने से भी कम समय पहले? सुरजेवाला ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय से मामले का स्वतः संज्ञान लेने और गहन जांच शुरू करने का भी आग्रह किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि क्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय को इस मुद्दे का स्वतः संज्ञान नहीं लेना चाहिए और गहन जांच नहीं करनी चाहिए, यह देखते हुए कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा हैं?

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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