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राज ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका, चुनाव आयोग रद्द कर सकता है पार्टी की मान्यता

Raj Thackeray Election Result: विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टी को कम से कम एक विधानसभा सीट या मतदान का 8 प्रतिशत वोट शेयर मिलना जरूरी है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 1.55% वोट मिले हैं। पार्टी को कुल 1,002,557 वोट मिले।

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राज ठाकरे।

Raj Thackeray Election Result: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद राज ठाकरे को एक और झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की मान्यता रद्द करने पर विचार कर रहा है। दरअसल, विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का एक भी विधायक चुनाव नहीं जीत सका। वहीं, पार्टी का वोट शेयर भी काफी कम रहा, जिसके बाद चुनाव आयोग यह कदम उठा सकता है।

जानकारों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टी को कम से कम एक विधानसभा सीट या मतदान का 8 प्रतिशत वोट शेयर मिलना जरूरी है। ऐसा न होने पर मान्यता जा सकती है। चुनाव परिणामों को देखें तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 125 सीटों प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन एक भी सीट जीत नहीं सकी। यहां तक कि राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी चुनाव हार गए। ऐसे में अगर चुनाव आयोग पार्टी की मान्यता रद्द करता है तो यह राज ठाकरे के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।

बेहद खराब रहा प्रदर्शन

चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 1.55% वोट मिले हैं। पार्टी को कुल 1,002,557 वोट मिले। इस करारी हार के बाद राज ठाकरे ने अपने घर पर आज पार्टी के नेताओं की आत्मचिंतन बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनावों में खराब प्रदर्शन और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।

भाजपा ने जीती 132 सीटें

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार 100 से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही। 149 सीटों पर लड़ने वाली भाजपा को 132 सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं, शिवसेना को 57 व एनसीपी को 41 सीटों पर जीत मिली। इसके मुकाबल महाविकास अघाड़ी 49 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। इस चुनाव में बीजेपी का वोट प्रतिशन 26.77 प्रतिशत रहा। वहीं, कांग्रेस को 12.4% वोट मिले।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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