सांकेतिक तस्वीर | PTI
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर सीएम ममता बनर्जी के भारी विरोध के बीच चुनाव आयोग एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आयोग ने कोलकाता के रेड लाइट इलाकों में वोटर लिस्ट के विशेष संशोधन (SIR) के दौरान आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए यहां विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। ये कैंप आगामी दो और तीन दिसंबर को लगाए जाएंगे। आयोग ने सोना गाची, किद्दरपोर, कालिघाट, बोवबाजार समेत कई रेड लाइट इलाकों में सेक्स वर्कर्स की शिकायतों के बाद उन्हें मौके पर ही सहायता देने के लिए यह पहल की है।
दरअसल, तीन संगठनों जिनमें सोसाइटी ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट एंड सोशल एक्शन, उषा मल्टीपरपज को-ऑपरेटिव सोसाइटी और अमरा पदातिक शामिल हैं, ने 21 नवंबर को सीईओ मनोज अग्रवाल को एक ईमेल भेजाथा। इसमें उन्होंने शिकायत की थी कि एसआईआर फॉर्म भरते समय रेड लाइट इलाकों में रहने वाली सेक्स वर्कर्स को बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद सीईओ ने रेड लाइट इलाकों में विशेष हियरिंग और ऑन द स्पॉट समाधान के लिए कैंप लगाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस बाबत अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे इलाकों में जाकर सेक्स वर्कर्स की मदद करें।
सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाले संगठन अमरा पदातिक की अधिकारी महास्वेता मुखर्जी ने बताया कि कई सेक्स वर्कर्स फॉर्म भरने में डर या उलझन महसूस कर रही हैं। इतना ही नहीं कई इलाकों को छोड़कर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमने सीईओ कार्यालय से पश्चिम बंगाल के रेड-लाइट इलाकों में इसी तरह के शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सीईओ मनोज अग्रवाल ने यह भी संकेत दिया कि वह स्वयं भी किसी एक शिविर में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में आयोग की इस पहल से उन्हें भरोसा मिलेगा।
बता दें कि राज्य में एसआईआर के लिए पहले चरण की प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जबकि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर को प्रकाशित होगी।
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