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Khan Sir News:'पढ़े लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए' बोले खान सर

Khan Sir News: बीते दिनों खान सर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, इसके बाद उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डिहाइड्रेशन, थकान और तनाव के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा था।

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खान सर

KEY HIGHLIGHTS
  • खान सर ने छात्रों के आंदोलन को खुलकर समर्थन देने का ऐलान क‍िया था
  • खान सर बोले-पढ़े लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए
  • बीते दिनों खान सर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी

Khan Sir News: बिहार के चर्चित शिक्षाविद खान सर ने सोमवार को कई मुद्दों पर आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने टीचर से नेता बने अवध ओझा के बारे में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि पढ़े लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए।शिक्षाविद खान सर ने कहा, 'अवध ओझा सीनियर टीचर हैं, अब वो राजनीति में गए हैं। मेरा मानना है कि पढ़े लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए, लेकिन जहां तक मेरा सवाल है, मुझे बच्चों को पढ़ाने से फुर्सत नहीं है। साल 2024 में भी हमसे लोगों ने पूछा था। मैं साफ कर देता हूं कि 2025 में होने वाले चुनाव में दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, सभी राजनीतिक दलों को अब अपने घोषणापत्र में विद्यार्थियों की बात रखनी पड़ेगी। एग्जाम का कैलेंडर कब निकलेगा? और प्री तथा मेन्स एग्जाम के बीच कितने दिन का अंतर होगा?'

बीपीएससी द्वारा बापू परीक्षा परिसर केंद्र की परीक्षा रद्द करने पर खान सर ने कहा कि वहां पर हंगामा ज्यादा हुआ था, लेकिन बीपीएससी को एक कमेटी बनाकर और भी परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी जांच करनी चाहिए। हम लोग टीचर हैं और हमारे पास भी खबरें आती हैं, लेकिन हम जांच नहीं कर सकते। उनके पास अथॉरिटी है। बीपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था को बच्चों के बीच साख भी बनानी है।

उन्होंने आगे कहा, 'हम हमेशा कहते हैं कि स्टेट हो या सेंट्रल गवर्नमेंट, उन्हें यूनिवर्सिटी को देखना चाहिए। चार साल पढ़ने के बाद भी बच्चे किस स्थिति में बाहर आ रहे हैं? क्या वह स्वावलंबी हो पा रहे हैं या नहीं? फाइनेंसियल फ्री हो पा रहे हैं या नहीं? इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है। केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति लाई थी, लेकिन उसमें बदलाव क्या हुआ? उसको देखने में समय लगेगा कि धरातल पर उसमें क्या बदलाव हुआ है।

उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में खान सर बिहार लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का वे समर्थन कर रहे थे। खान सर ने बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही थी और छात्रों के आंदोलन को खुलकर समर्थन देने का ऐलान क‍िया था।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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