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ओज़ोन उर्बाना घोटाला मामले में ED ने 423 करोड़ की संपत्ति की अटैच, घर खरीदारों से 927 करोड़ की ठगी का आरोप

बेंगलुरु स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए M/s Ozone Urbana Infra Developers Pvt. Ltd. और उसके प्रमोटरों की करीब 423.38 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की हैं। ईडी की जांच कई एफआईआर पर आधारित है, जो बेंगलुरु के अलग-अलग पुलिस थानों में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420 और 120बी के तहत दर्ज की गई थी।

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ओज़ोन उर्बाना घोटाला मामले में ED ने 423 करोड़ की संपत्ति की अटैच (फाइल फोटो)

बेंगलुरु स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए M/s Ozone Urbana Infra Developers Pvt. Ltd. और उसके प्रमोटरों की करीब 423.38 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की। यह कार्रवाई 4 अक्टूबर 2025 को हुई है।

क्या है पूरा मामला?

ईडी की जांच कई एफआईआर पर आधारित है, जो बेंगलुरु के अलग-अलग पुलिस थानों में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420 और 120बी के तहत दर्ज की गई थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने भी कंपनी और उसके प्रमोटर एस. वासुदेवन के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कंपनी पर क्या है आरोपी

मुख्य आरोप यह है कि कंपनी ने अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट को तय समय पर पूरा नहीं किया और न ही खरीदारों को फ्लैट्स का कब्ज़ा दिया। कंपनी ने ग्राहकों को झांसा देकर कहा था कि जब तक फ्लैट का कब्जा नहीं दिया जाएगा, वह उनके बैंक लोन की ईएमआई खुद भरेगी, लेकिन बाद में न तो प्रोजेक्ट पूरा हुआ, न ही ग्राहकों के पैसे लौटाए गए।

ईडी की जांच में पता चला कि कंपनी और उसके प्रमोटर एस. वासुदेवन ने लगभग 927.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने घर खरीदारों से लिए गए पैसे को निर्माण कार्य में लगाने के बजाय अन्य कंपनियों और निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया। 1 अगस्त 2025 को ईडी ने इस केस में 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी और फंड डायवर्जन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे।

किन संपत्तियों पर ईडी की कार्रवाई

ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए ईडी ने कंपनी और प्रमोटर की 423.38 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं, जिनमें शामिल ओज़ोन उर्बाना प्रोजेक्ट के Avenue में 92 फ्लैट, Aqua 2 प्रोजेक्ट में 13 फ्लैट, करीब 4.5 एकड़ व्यावसायिक जमीन, प्रमोटर एस. वासुदेवन और उनकी पत्नी के नाम पर मुडिगेरे के कन्नेहल्लि गांव में 179 एकड़ जमीन शामिल हैं।

ईडी के मुताबिक,फिलहाल मामले की जांच अभी चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनी के पैसों को किन-किन रास्तों से घुमाया गया और किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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