Earthquake In India 12 February 2026: गुरुवार को भारत, तिब्बत, भूटान के साथ-साथ इंडोनेशिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इंडोनेशिया के जावा में सुबह लगभग साढ़े आठ बजे 3.2 की तीव्रता से भूकंप आया है। भारत में गुरुवार को रात में बिहार के किशनगंज में भूकंप के झटके महसूस हुए है। बिहार के साथ-साथ सिक्किम में भी भूकंप आया है। किशनगंज में आज भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई है। यह हल्का झटका, जिससे किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। सिक्कम के नामची में लगातार तीसरे दिन भी भूकंप के झटके महसूस किए। मंगलवार को सिक्कम में आठ बार धरती हिली थी, बुधवार को भी दो-तीन झटके लगे थे। जिसमें नामची भी शामिल था।
गुरुवार 12 फरवरी 2026 को कहां-कहां भूकंप आया?
| देश/राज्य | भूकंप का समय | भूकंप की तीव्रता | भूकंप का केंद्र |
| सिक्किम | 01:26:21 AM | 2.7 | नामची |
| अफगानिस्तान | 01:40:58 AM | 4.3 | |
| बिहार | 01:55:22 | 2.7 | किशनगंज |
| तिब्बत | 02:02:16 AM | 2.5 | |
| भूटान | 04:54:25 AM | 2.1 | |
| इंडोनेशिया | 08:21:15 AM local time | 3.2 | जावा |
| सिक्किम | 02:43:09 PM | 2.5 | नामची |
भारत के पड़ोसी देशों में भी भूकंप
भारत के साथ-साथ उसके पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, तिब्बत और भूटान में भूकंप के झटके लगे हैं। तिब्बत और भूटान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां हमेशा भूकंप आते रहते हैं। ये दोनों दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय जोन में आते हैं। तिब्बत और भूटान भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की सीमा पर स्थित हैं। भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ रही है। यह यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस टक्कर से हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ। जब प्लेटें आपस में दबती और खिसकती हैं, तो जमीन के भीतर ऊर्जा जमा होती रहती है। जब यह ऊर्जा अचानक निकलती है, तो भूकंप आता है।
भारत में सबसे ज्यादा कहां आता है भूकंप?
भारत में सबसे अधिक भूकंप हिमालयी क्षेत्र में आते हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार के उत्तरी हिस्से और पूरा उत्तर-पूर्वी भारत भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। उत्तर-पूर्व भारत, खासकर असम और आसपास का इलाका, देश के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। गुजरात का कच्छ क्षेत्र भी भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है, जहां 2001 में विनाशकारी भुज भूकंप आया था। भारत का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप के मध्यम से उच्च जोखिम वाले ज़ोन में आता है, लेकिन हिमालयी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र सबसे अधिक सक्रिय माने जाते हैं।
